कासगंज जिले में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने कलक्ट्रेट पहुंचकर विकास कार्यों, कानून व्यवस्था और योजनाओं के क्रियान्वयन पर अधिकारियों से सीधी बात करते हुए समीक्षा की।
मंगलवार को समीक्षा बैठक के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह साफ संदेश दिया कि समस्याओं के निस्तारण में कोताही बरतने पर जवाबदेही तय होगी।
योजनाओं को पूरा करने के लिए समयबद्धता और गुणवत्ता पर भी पूरा जोर दिया। 80 मिनट की इस बैठक में जिले के कई अधिकारी असहज नजर आए और अधिकारियों के हलक इन 80 मिनट में सूखे रहे।
ग्राम स्वराज अभियान की समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी सवा 12 बजे कलक्ट्रेट सभाकक्ष में पहुंचे और उन्होंने समीक्षा बैठक शुरू की। सबसे पहले उन्होंने ग्राम स्वराज अभियान की समीक्षा की। जिलाधिकारी से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि कितने गांव चिह्नित हुए हैं।
इस पर डीएम ने बताया कि 27 गांव चिह्नित कर सभी योजनाओं से संतृप्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने उजाला योजना के संबंध में पूछा तो जिलाधिकारी ने आंकड़ों के साथ इस संबंध में जानकारी दी।
स्टैंड-अप योजना के तहत केवल चार लोगों को ऋण मिलने पर उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 52 लोगों का लक्ष्य निर्धारित है तो केवल चार लोगों को ही लाभ कैसे मिला।
ऐसे बैंकों पर दर्ज कराएं FIR
किसानों के कर्ज मुक्ति के मामले में सीएम का रुख कड़ा नजर आया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फसल ऋण मोचन के मामले में अधिक शिकायतें आ रहीं हैं। 30 अप्रैल तक किसानों का ऋण माफ होना था क्यों नहीं हुआ?
मुख्यमंत्री योगी कहा कि जो बैंक इसमें आनाकानी कर रहे और मामलों के सही निस्तारण नहीं कर रहे हैं। उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने बीएसए गीता वर्मा से सवाल करते हुए पूछा कि क्या बच्चों की किताबें आ गईं तो बीएसए ने कहा नहीं। फिर यूनीफार्म के संबंध में सवाल किया तो बीएसए ने बताया कि 10 मई को इसका पैसा आया है।
समयबद्ध तरीके से हों कार्य
योगी ने कहा कि समयबद्ध तरीके से यह कार्य होना चाहिए। स्कूल चलो अभियान के बारे में भी जानकारी ली। गन्ना किसानों के भुगतान की स्थिति और बकाया के बारे में भी मुख्यमंत्री ने पूछा।
उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान कराएं। विद्युत विभाग के अधिकारियों को विद्युत बिलों में होने वाली गड़बड़ियों को दूर करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सांसद और विधायकों ने विद्युत विभाग के बिलों की गड़बड़ी पर सीएम से शिकायत की। इस पर सीएम ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को चेताया कि निस्तारण में लापरवाही होने पर जवाब देही तय होगी।