मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन महिलाओं के लिए बहुत चुनौती होती है जो समाज के बदले हुए रवैए का सामना करती हैं। महिला आश्रय सदन के संचालन के लिए प्रदेश सरकार 72 लाख रुपए प्रति वर्ष बजट में देगी। ब्रज के विकास के लिए सात क्षेत्रों को तीर्थस्थल घोषित किया, नगर निगम बनाया, हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने कहा कि वृंदावन में महिला आश्रय सदन बनाने का मेरा सपना आज साकार हो गया। यह देश का पहला अत्याधुनिक महिला आश्रय सदन है। यहां पर स्किल इंडिया और कौशल विकास के तहत माताओं को स्वरोजगार दिलाने के प्रयास होंगे। सुरक्षा की दृष्टि से ये आश्रय सदन बेहतर विकल्प हो सकता है।
मेनका ने कहा कि जिस तरह से पिछले कुछ दिनों में नारी निकेतनों एवं बाल संरक्षण गृहों में शोषण व उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई हैं, वह निराशाजनक है। ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अब निराश्रित, असहाय महिलाओं के साथ बच्चों को भी एक साथ रखने की योजनाओं पर कार्य होगा। उन्होंने बताया कि वृंदावन के बाद अब बनारस व लखनऊ में भी कृष्णा कुटीर जैसे आश्रय सदन की स्थापना के लिए काम किया जाएगा।
प्रदेश की महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि देश में असहाय, निराश्रित एवं विधवा महिलाओं को सम्मान जनक जीवन देने के लिए मोदी व योगी सरकार प्रयासरत है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने आश्रय सदन में कई पौधे भी रोपे। विधवा माताओं ने राधे-राधे का उद्घोष कर मुख्यमंत्री का आभार जताया।
इस अवसर पर विधायक पूरन प्रकाश, कारिंदा सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के केंद्रीय सचिव राकेश श्रीवास्तव, रेणुका कुमार, पर्यटन सचिव अश्विनी अवस्थी, महापौर मुकेश आर्य बंधु, तेजवीर सिंह, चेतन स्वरूप पाराशर, मुनीष शर्मा, पूर्व विधायक प्रताप पाल, रविकांत गर्ग, विनय गोस्वामी, मधु शर्मा उपस्थित थे।