मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीब, नौजवान और किसान तो कभी महिलाओं के हक की बात कही। कभी बिजली आपूर्ति और अपराध को समाप्त करने का दावा किया। जुबां पर प्रदेश से ज्यादा केंद्र सरकार की योजनाएं तैरती रहीं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं को गिनाते हुए मुख्यमंत्री योगी ने भाषण के दौरान कई बार विपक्षी दलों का आड़े हाथों लिया। लोकसभा चुनाव का रोड मैप तैयार करने में जुटी भाजपा की रणनीति उनके भाषणों में साफ दिखाई दी।
मुख्यमंत्री ने भाषण की शुरुआत भारत माता के जयकारे से करते हुए जनता को खुद से जोड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदाज में उन्होंने जनता का सबसे पहले अभिवादन किया और बोले कि एटा की अपनी विशिष्ट पहचान है।
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2019 के चुनाव पर फोकस
जिले की जनता को लुभाने के लिए उन्होंने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत जिले के घुंघरू घंटी उद्योग को विकसित करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि एटा में मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास और सोरों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की।
भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ का पूरा फोकस लोकसभा चुनाव पर रहा। उन्होंने जनता का केंद्र सरकार की नीतियां गिनाते हुए कहा कि गरीबों के आवास बन रहे हैं। नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
नौजवानों, किसानों, महिलाओं के लिए भी नई-नई योजनाएं बन रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 14 फसलों का लागत से डेढ़ गुना अधिक भुगतान करने का फैसला किया। सरकार ने एक वर्ष में 8 लाख 85 हजार गरीबों को आवास दिए।
योजनाओं का बखान
योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने 76 लाख घरों में शौचालय बनवाए। 40 लाख गरीबों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दिया गया। प्रदेश सरकार ने जिले के 53 हजार किसानों का केसीसी बैंक ऋण माफ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सर्वाधिक निवेश वाला राज्य बनने जा रहा है। विकास के लिए सुरक्षा का माहौल चाहिए जो हमने प्रदान किया। अपराधियों में भय और कानून का राज कायम किया है।
जिले में कायम गुंडाराज को खत्म करने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने जनता की नब्ज टटोलनी चाही। उन्होंने यह भी कहा कि एटा के विकास की ढेर सारी योजनाओं को लेकर हम जल्द से जल्द ही आपके पास दोबारा आएंगे।
विरोधियों पर हमला
भाषण के दौरान योगी ने कांग्रेस, सपा और बसपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने परिवारवाद, जातिवाद से ऊपर उठकर ही नौजवानों, किसानों, महिलाओं का विकास किया है।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार में पहले बिजली का संकट था। हमने भेदभाव समाप्त कर सभी जिलों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई। उनके भाषण से साफ तौर पर साबित हुआ कि तैयारी लोकसभा चुनाव की है।
उधर, जनसभा के बाद भारतीय जनता पार्टी कोर कमेटी की बैठक में पार्टी के अंदर खाने चल रही गुटबाजी पर चिंतन हुआ। मुख्यमंत्री ने विधायकों को आपसी मन मुटाव दूर करने के लिए कहा। मिलजुलकर विकास कार्य कराने की सलाह दी।
इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने के लिए कहा। वहीं कम बारिश के चलते सूखे जैसे हालात, ग्रामीण अंचल में अव्यवस्थित विद्युत आपूर्ति, ध्वस्त सड़कों एवं नहर रजवाहों में पर्याप्त पानी न आने पर भी चर्चा हुई।
ये लोग रहे मौजूद
बैठक में प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग, जिला प्रभारी चौधरी उदयभान सिंह, बृजक्षेत्र अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी, जिलाध्यक्ष डॉ दिनेश वशिष्ठ, सांसद हरनाथ सिंह यादव, राजवीर सिंह, मुकेश राजपूत, सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड, वीरेंद्र सिंह वर्मा, सत्यपाल सिंह राठौर, संजीव दिवाकर, जिला उपाध्यक्ष सचिन उपाध्याय, महामंत्री संदीप जैन रहे। कासगंज जिले के विधायक ममतेश शाक्य, देवेंद्र सिंह वर्मा एवं देवेंद्र प्रताप सिंह भी शामिल हुए।