यमुना में अटलजी की अस्थियां विसर्जित करते मुख्यमंत्री
आगरा में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों का विसर्जन शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव बटेश्वर में किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में अटलजी के दामाद एवं मुरैना से सांसद रंजन भट्टाचार्य ने ब्रहमलालजी मंदिर के रानी घाट पर विधि-विधान से अस्थियों को यमुना में प्रवाहित किया।
16 अगस्त को दिल्ली के एम्स में अटलजी का निधन हो गया था। उनकी अस्थियों को प्रदेश की नदियों में विसर्जित किया जा रहा है। बटेश्वर में यमुना में अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम पहले 24 अगस्त का तय हुआ था, लेकिन बाद में स्थगित हो गया था। अस्थि विसर्जन के दौरान तेज बारिश होती रही। मंदिर के 21 पुजारियों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया।
शनिवार सुबह 11:30 बजे योगी आदित्यनाथ लखनऊ से हेलीकॉप्टर से सीधे बटेश्वर पहुंचे। अटलजी की दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य के पति रंजन भट्टाचार्य उनसे पहले ही पहुंच गए थे। 11:45 बजे अस्थि विसर्जन किया गया। इस दौरान प्राविधिक एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल व जिले के सभी विधायक और अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।
घोषणा करने से बचे सीएम योगी
उम्मीद की जा रही थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बटेश्वर के विकास के लिए कोई बड़ी घोषणा करेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अस्थि विसर्जन के बाद जैन धर्मशाला में आयोजित शोक सभा में सिर्फ इतना कहा कि 25 दिसंबर को अटलजी की जयंती है, तब तक बटेश्वर में विकास दिखाए देने लगेगा।
45 मिनट में सिमटा मुख्यमंत्री का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बटेश्वर का कार्यक्रम लगभग डेढ़ घंटे का था। लेकिन यह 45 मिनट में ही सिमट गया। मुख्यमंत्री न तो अटलजी के पैतृक आवास पर गए और न ही मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने बटेश्वर के लोगों से भी बात नहीं की। सांसद और विधायकों को भी अलग से समय नहीं दिया। वो बटेश्वर से हेलीकॉप्टर से हिंडन (गाजियाबाद) के लिए रवाना हो गए।
ऐसा होगा अटलजी की यादों का स्मारक
भाजपाइयों को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
बटेश्वर स्थित भगवान अजितनाथ के सभागार में भाजपाइयों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल जी के निधन पर कुदरत भी शोक में डूबी है। निधन से लेकर अस्थि कलश विसर्जन के समापन तक बारिश के रूप में कुदरत रो रही है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में जैसा अटल जी का कद है, बटेश्वर में उनकी यादों का स्मारक भी उतना ही विशाल होगा। उनकी पूरी जीवन यात्रा यहां आकर दुनिया भर के लोग देख सकेंगे। उनकी यादों से जुडे़ प्रत्येक स्थल का संरक्षण होगा। बहुत सारी योजनाएं तैयार की गई हैं।
प्रशासन के माध्यम से भी प्रस्ताव लिए गए हैं। जिनकी जल्द ही घोषणा होगी। यहां पर मंत्री गोपाल टंडन, पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह, सांसद चौधरी बाबूलाल, अटल जी के भांजे सांसद अनूप मिश्र ने मुख्यमंत्री के साथ अटल जी से जुड़ी यादों को साझा किया।