मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किरावली, फतेहाबाद और बरहन में सभाओं को संबोधित कर भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे। उन्होंने अपनी सरकार के कार्य गिनाए तो विपक्षी दलों को जमकर निशाने पर लिया।
आगरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को तीन जनसभाओं को 55 मिनट तक संबोधित किया। संबोधन में ज्यादातर समय निशाने पर समाजवादी पार्टी और उसके नेता रहे। बसपा व मायावती एक-एक बार और कांग्रेस का नाम केवल एक बार ही लिया।
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जाट बहुल किरावली में मुजफ्फरनगर के दंगे और पलायन कराने वालों को टिकट देने का मुद्दा उठाया तो फतेहाबाद और बरहन में भी उनके निशाने पर समाजवादी पार्टी, दंगाइयों को टिकट देने का मुद्दा रहा। उन्होंने किसानों और गरीबों की योजनाओं को गिनाया और कहा कि ये अब हर गरीब तक पहुंच रहीं हैं, पहले सरकारें हजम कर जाती थीं।
योगी आदित्यनाथ ने जाट बहुल किरावली में मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर सपा को घेरा। तीन बार सपा का नाम लिया, लेकिन एक बार भी सपा मुखिया का नाम नहीं लिया। कोरोना काल में संकट के समय साथ देने के मामले में उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस, रालोद का जिक्र किया।
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मुख्यमंत्री के साथ सांसद, विधायक और भाजपा प्रत्याशी
- फोटो : अमर उजाला
इत्र वाले मित्र कहकर कसा तंज
फतेहाबाद में सभा को संबोधित करते हुए इत्र वाले मित्र के यहां से नोटों पर नोट निकले कहकर तंज कसा तो कहा कि कार्रवाई से सबसे ज्यादा पीड़ा समाजवादी पार्टी को हुई थी। उन्होंने कहा कि चाचा भतीजे की सरकार में गरीबों का राशन माफियाओं पर पहुंच जाता था। बहनजी के हाथी का पेट तो इतना बड़ा है कि उसके गरीबों का सारा राशन समा जाता था।
इन मुद्दों पर लिया सपा का नाम
- सरकारी नौकरियों और गरीबों का राशन सरकारें खा जाती थीं
- इत्र वाले मित्र के यहां कार्रवाई हुई तो सपा को सबसे ज्यादा पीड़ा
- गुंडे माफियाओं को टिकट थमाए
- सपा सरकार में पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल बनवाने में खर्च किया गया
किरावली में वीर गोकुला, मुजफ्फरनगर दंगे पर फोकस
किरावली में योगी ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि यह धरती महापराक्रमी योद्धा वीर गोकुला जाट है, इसे नमन करता हूं। गोकुला जाट जी के नाम पर हम लोगों ने एक सड़क व चौक का भी नामकरण किया है। गोकुला जाट ने औैरंगजेब के छक्के छुड़ा दिए थे। समाजवादी पार्टी की सरकार ने गोकुल जाट को सम्मान नहीं दिया। सपा शासनकाल में मुजफ्फरनगर में दंगा हुआ तो दो सगे भाइयों गौरव व सचिन की जान गई। सपा की टोपी खून से रंगी हुई है।
मुख्यमंत्री ने जनसभाओं में आगरा के विकास का जिक्र किया। कहा कि आगरा में मेट्रो का काम हो रहा है, स्मार्ट सिटी बना रहे हैं। गंगाजल मिला, वायु मार्गों से जोड़ा। आगरा में छत्रपति शिवाजी म्यूजियम बनाया जा रहा है। हम यूपी के एक करोड़ युवाओं को टैबलेट व स्मार्ट फोन देकर स्मार्ट युवा बनाएंगे। उन्होंने बटेश्वर का भी जिक्र किया। कहा कि हमने ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन करके तीर्थ स्थलों का विकास शुरू करवाया है। बटेश्वर में भी विकास कार्य हो रहे हैं।
उपलब्धियों का जिक्र किया
बरहन की जनसभा में मुख्यमंत्री ने किसानों को दी जा रही सुविधाएं गिनाईं। मुफ्त राशन, कन्या सुमंगला योजना समेत अन्य उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने पूछा, क्या पूर्व की सरकारें गरीबों के लिए इतनी सुविधाएं देती थीं।
हाथ उठाकर भरवाई हामी
मुख्यमंत्री ने अपनी सभाओं में लोगों से हाथ उठवाकर हामी भरवाई। उन्होंने कहा कि सोच इमानदार, काम दमदार, बोलो है ना, वैक्सीन लगवाने के लिए हाथ उठवाए। राशन के लिए जनता के हाथ उठवाकर पूछा। उन्होंने लोगों से सीधा संवाद किया।
बरहन में बैरिकेडिंग तोड़ी
कार्यक्रम में दो मंच थे। एक मंच मुख्यमंत्री तो दूसरा पार्टी पदाधिकारियों के लिए था। बेकाबू भीड़ ने दोनों मंचों के सामने बनी डी के आगे वाली बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचते ही भीड़ योगी-योगी के नारे लगाते हुये दूसरे मंच तक पहुंच गई तथा बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए आगे बढ़ गई। भीड़ को काबू में करने में पुलिस के हाथ पैर फूल गए। कार्यकर्ता भी बैरिकेडिंग से आगे बढ़ने से लोगों को रोकते रहे। इस पर मुख्यमंत्री को खुद भीड़ से दूर रहने को कहना पड़ा।