सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में 500 वर्षों के बाद राम मंदिर का बनना संभव हुआ है, तो देश के अन्य जगहों पर भी संभावना बनी हैं। अयोध्या में राम मंदिर का बनना और महाकुंभ का आयोजन, दोनों संतों के संकल्प से पूरा हुआ। पहले माना जाता था कि महाकुंभ का आयोजन केवल संतों का है। लेकिन, संतों ने पूरे भाव के साथ समाज को जोड़ने का काम किया तो देखते ही देखते 66 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का आंकड़ा पार कर गया। इनमें साधु- संत करीब 50 लाख थे।
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सीएम योगी ने कहा कि सनातन का दौर अब दुनिया के अंदर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि संतों की साधना की सिद्धि है। उनके संकल्पों का मूर्तरूप है। महाकुंभ के अवसर पर पूरे देश और दुनिया ने देखा है। 45 दिनों में 66 करोड़ों से अधिक संत और श्रद्धालुजन प्रयागराज आए। इतना बड़ा समागम दुनिया के अंदर कहीं नहीं हुआ। ये ताकत सिर्फ सनातन धर्म में ही है। उसी सनातन धर्म को मजबूत करने के लिए। भारत की संयुक्त परंपरा के प्रमुख पंत के रूप में नाथपंती का महत्वपूर्ण स्थान है। संतो को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संतों को संसार के उत्कर्ष के लिए कार्य करना होगा। विरासत और विकास को जोड़ने की एक सेतु के रूप में संत को आगे बढ़ना चाहिए, जो समाज को जोड़ सके, उसके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें।
सनातन सुरक्षित रहेगा, तो ही देश सुरक्षित रहेगा
सीएम ने कहा कि सनातन सुरक्षित रहेगा, तो ही देश सुरक्षित रहेगा। उन्होंने साधु संतों से अपील की है कि आप किसी भी पंथ और संप्रदाय से जुड़े हुए हों, लेकिन राष्ट्र और समाज निर्माण के लिए ही कार्य करना चाहिए। उन्होंने साधु- संतों से मोबाइल का उपयोग कम करने की भी सीख दी। कहा कि मोबाइल पर जो आपको दिखता है या सुनते हैं, वह जरूरी नहीं सच हो। ऐसे में साधु संतों को साधना में लीन होकर के समाज को एक करने के लिए कार्य करना चाहिए।
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