अब किसानों का आलू सरकार खरीदेगी...टीवी-रेडियो से ये जानकारी मिलते ही किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जैसे ही आलू के समर्थन मूल्य 487 रुपये घोषित किया, चंद सेकेंड में ही खुशी काफूर हो गई। आलू किसान समर्थन मूल्य को बेहद कम बता इसे किसानों से मजाक बता रहे हैं। किसानों का मानना है कि इससे तो आलू की लागत भी नहीं निकल रही। आलू किसान विकास समिति प्रदेश महासचिव पुष्पेंद्र जैन ने बताया कि आलू प्रति क्विंटल 740 रुपये से अधिक लागत है। अगर इसमें कोल्ड स्टोर का भाड़ा 220 रुपये जोड़ दिया जाए तो ये 960 रपये बनता है। ऐसे में मुख्यमंत्री को 1000 रुपये समर्थन मूल्य तय करना चाहिए।
डंप वाले किसानों को फायदा
जिन किसानों का आलू कोल्ड स्टोर से बाहर है, उनको राहत मिलने की उम्मीद है। बाहर होने के कारण आलू के खराब होने की संभावना अधिक है। आगरा में अभी भी 25-35 लाख पैकेट आलू डंप में लगे हुए हैं। सरकार इन आलू को खरीदेगी तो किसान नुकसान से बच सकेंगे।
कोल्ड से 425 रुपये तक के रेट
कोल्डस्टोर में रखे आलू की कीमत इस समय 400-425 रुपये प्रति पैकेट(50 किग्रा) है। मतलब एक क्विंटल की कीमत करीब 800 रुपये पार है। इसमें से करीब 200 रुपये भाड़ा के घटा दिए जाएं तो भी ये समर्थन मूल्य से 100 रुपये से अधिक का लाभ है।
एक हेक्टेयर: 12.5 बीघा
आलू की खेती: 80 हजार हेक्टेयर
एक हेक्टेयर में लागत: 2.23 लाख रुपये
एक हेक्टेयर में पैदावार: 300 क्विंटल (50 किग्रा के 600 पैकेट)
एक क्विंटल में लागत: करीब 743 रुपये
समर्थन मूल्य: 487 रुपये प्रति क्विंटल
जनपद में कोल्ड स्टोर: 250
अनुमानित आलू पैकेट: पांच करोड़
एक हेक्टेयर: 12.5 बीघा
आलू की खेती: 80 हजार हेक्टेयर
एक हेक्टेयर में लागत: 2.23 लाख रुपये
एक हेक्टेयर में पैदावार: 300 क्विंटल (50 किग्रा के 600 पैकेट)
एक क्विंटल में लागत: करीब 743 रुपये
समर्थन मूल्य: 487 रुपये प्रति क्विंटल
जनपद में कोल्ड स्टोर: 250
अनुमानित आलू पैकेट: पांच करोड़