मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी को गंगा-यमुना की सफाई के सवाल पर घेरने का प्लान बना लिया है। उनके सामने चुनौती के रूप में रखने के लिए लखनऊ में गोमती किनारे विकसित किया गया शानदार रिवर फ्रंट है। इसकी अगली कड़ी में पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में वरुणा और वृंदावन में यमुना किनारे रिवर फ्रंट डेवलप करने का एलान भी कर दिया है।
सीएम कह रहे हैं कि पीएम बताएं उन्होंने गंगा और यमुना की सफाई के लिए क्या किया? उनका दावा है कि जैसा काम लखनऊ में गोमती पर हुआ है, वैसा कहीं नहीं किया गया है। सीएम ने साफ कर दिया कि वृंदावन और वाराणसी में रिवर फ्रंट का काम भी तेजी से होने जा रहा है।
सीएम यह साबित करने का प्रयास कर रहे थे कि केंद्र सरकार ने नदियों की सफाई के कोरे वादे किए हैं, जबकि उन्होंने काम करके दिखाया है। उन्होंने वादा किया कि फिर से सरकार आने पर आगरा में यमुना किनारे रिवर फ्रंट विकसित करेंगे। इसी के साथ उन्होंने ताज कॉरीडोर का मामला उठा दिया। बोले, पिछली सरकार में तो बड़े-बड़े लोग जेल जाने से बचे। यमुना में काफी गड़बड़ कर दिया। हमने विकास किया है लेकिन पर्यावरण का पूरा ध्यान रखा है। सीएम ने मुख्य निशाने पर पीएम को ही रखा। बता दें, 20 नवंबर को आगरा में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवर्तन महारैली को संबोधित किया था। रविवार को सीएम पूरी तैयारी के साथ आए।
बोेले, सात दिन पहले वे यहां आए थे। क्या दे गए आगरा को? व्यंग कसा, कोई ऐसी बड़ी चीज दी होगी, जो सपने में ही नजर आती है। उनसे पूछना कि आगरा के विकास के लिए क्या किया है।
लोग बहनजी कहते हैं, इसलिए बुआ कहने लगा
आगरा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बसपा अध्यक्ष मायावती पर फिर व्यंग के बाण छोड़े। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें बहनजी कहते हैं, इसलिए वह बुआ कहने लगे। बुआ कह रही हैं, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पूरा नहीं हुआ और उद्घाटन कर दिया। सुखोई और मिराज ने बता दिया है कि यह सबसे लंबा ही नहीं, सबसे मजबूत एक्स्प्रेस वे है। सीएम ने पूर्व बसपा सरकार को पत्थरवाली सरकार कहकर संबोधित किया। बोले, पत्थरवाली सरकार ने यमुना एक्सप्रेस वे बनाया था तो किसानों पर लाठी चलवाई थीं, उनके नेता को बंद कर दिया था। हमने, आगरा-लखनऊ एक्स्प्रेस वे बनाया तो किसानों का भी ध्यान रखा।