मुख्यमंत्री अखिलेश यादव राजनीति के साथ फुटबाल के खिलाड़ी भी हैं। खिलाड़ियों की हालत और परेशानियों को भी जानते हैं। ओलंपिक में गोल्ड मेडल लाने पर छह करोड़ रुपये भी दे रहे हैं, लेकिन खिलाड़ियों के लिए जब आगरा में इंटरनेशनल स्टेडियम बनाने की मांग उठी तो ऐसा अटपटा जवाब दिया कि खिलाड़ियों से लेकर राजनीतिज्ञ तक हैरान रह गए। मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि ‘आगरा में फाइव स्टार होटल हैं, धन्ना सेठों की कोई कमी नहीं, वह बनवाने में मदद करें, जमीन सरकार दे देगी, लखनऊ में वह पीपीपी मॉडल पर ही स्टेडियम बनवा रहे हैं’। उनसे सवाल किया गया था कि जैसे वे लखनऊ में स्टेडियम बनवा रहे हैं, वैसे आगरा में क्यों नहीं? इस पर सीएम कुछ पल चुप रहे। और फिर जवाब दिया, तो सुनने वालों को अटपटा लगा।
कहीं उद्यमियों से नाराज तो नहीं सीएम
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्टेडियम के लिए धन्ना सेठों का सहयोग लेने की बात यूं ही नहीं कही। दरअसल, मुख्यमंत्री से लखनऊ में मिलने के दौरान आगरा के कई उद्यमी ऐसे हवाई दावे कर चुके हैं कि एयरपोर्ट बना दीजिए, वह हवाई उड़ान सेवा शुरू करा देंगे। सीएम के कमेंट के पीछे ऐसे ही उद्यमियों की बातों को वजह माना जा रहा है।
2003 से जमीन नहीं दे पा रही सरकार
साल 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और सपा मुखिया ने ताज के 350 वर्ष समारोह में एलान किया था कि ताजनगरी में इंटरनेशनल स्टेडियम बनाया जाएगा। इसके लिए एडीए ने जमीन भी चिह्नित कर ली, लेकिन स्टेडियम का प्रस्ताव अटक गया। 2012 में सपा सरकार फिर बनी तो इंटरनेशनल स्टेडियम का मुद्दा फिर गरमाया तो इसे यमुना एक्सप्रेस वे पर बनाने की कवायद शुरू हुई, लेकिन यह फिर ठंडे बस्ते में चला गया। अब मुख्यमंत्री जमीन देने का वादा तो कर रहे हैं, लेकिन आगरा में पीपीपी मॉडल से स्टेडियम बनाने को राजी कोई नहीं।
स्टेडियम के लिए बीसीसीआई तैयार, सरकार पर जमीन नहीं
मंच पर मुख्यमंत्री कुछ भी कहें, लेकिन हकीकत इससे बेहद जुदा है। बीसीसीआई आगरा में इंटरनेशनल स्टेडियम बनाने के लिए तैयार भी थी, लेकिन सरकार के पास जमीन ही नहीं निकली। बीसीसीआई 200 करोड़ रुपये खर्च करने को तैयार भी थी। बोर्ड के सदस्य कई बार आगरा आकर बैठकें कर गए।
समाजवादी सरकार पर हावी फाइव स्टार
नई पर्यटन नीति में फाइव स्टार होटलों का ख्याल, मुख्यमंत्री के संबोधन में फाइव स्टार होटल और समारोह में अतिथियों की लिस्ट में भी फाइव स्टार होटलों के लोग ही थे। सीएम फाइव स्टार होटल में ही रुके। समाजवादी सरकार पर हावी फाइव स्टार कल्चर का ही असर रहा कि बजट क्लास होटलों को कार्यक्रम से भी दूर रखा गया। बजट क्लास होटलों के संगठन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के 33 सदस्यों का नाम प्रशासन ने आखिरी वक्त में काट दिया, जबकि समारोह स्थल पर 200 से ज्यादा कुर्सियां मुख्यमंत्री के आने के बाद भी खाली पड़ी रहीं।