आगरा में सीएम ग्रिड परियोजना की धीमी रफ्तार से दिल्ली गेट से हरीपर्वत तक खुदाई के बीच मिट्टी के ढेर लग गए हैं, जिससे धूल और जाम की समस्या बढ़ गई है। स्कूल खुलने और अस्पतालों की मौजूदगी के कारण बच्चों, मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सीएम ग्रिड के काम में लापरवाही और देरी पर मुख्यमंत्री की फटकार के बाद भी ठेकेदारों ने सुधार नहीं किया। दिल्ली गेट से हरीपर्वत के बीच खुदाई करके मिट्टी के पहाड़ लगा दिए हैं, इससे धूल के गुबार उठ रहे हैं। दिल्ली गेट पर ही प्रमुख अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी और ब्लड बैंक हैं।
ऐसे में खुदाई के कारण रास्ता रुकने से मरीज और उनके तीमारदार परेशान हैं। एक जुलाई से स्कूल खुल जाने के कारण यहां मौजूद स्कूलों में बच्चों का आना-जाना मुश्किल भरा हो गया है। बुधवार को पहले दिन पूरे दिन दिल्ली गेट पर जाम लगा रहा। पार्षद शरद चौहान ने बताया कि 30 जून तक दिल्ली गेट से हरीपर्वत तक काम पूरा करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कहा था। एक जुलाई से मानसून और स्कूल खुलने से होने वाली दिक्कत को बताया गया था।
ठेकेदार ने यहां काम पूरा करना तो दूर, खुदाई कर छोड़ दिया है। पार्षद संजय राय ने बताया कि ब्लड बैंक से लेकर बड़े अस्पताल, जिनमें आईसीयू सुविधा है, वह भी यहीं पर हैं। एक ही लेन पर दोनों ओर का ट्रैफिक चल रहा है, जिससे जाम लग रहा है। यहां पर 10 से ज्यादा स्कूलों के बच्चे निकलते हैं, जिनकी छुट्टी के समय जाम लग रहा है। धूल उड़ने के कारण चिकित्सकों के पास आ रहे मरीज परेशान हैं।
सीएम ग्रिड योजना में काम में देरी पर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कॉन्ट्रैक्टरों को कहा कि अतिरिक्त मैनपावर और मशीनरी लगाकर सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करें। साथ ही चेतावनी दी कि परियोजना में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य, प्रभारी मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।