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शिक्षा विभाग का बिल बाबू रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, प्रिंसिपल से मांगे थे इतने रुपए

Thu, 06 Sep 2018 07:41 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आगरा में शिक्षा विभाग का बिल बाबू 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गुरुवार को सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। वो प्रधानाध्यापक से प्रोन्नत वेतनमान दिलाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था। 
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शमसाबाद के हरसहाय खिड़की निवासी अमित पुत्र शिवशंकर सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। जून में वो प्रोन्नत होकर प्रधानाध्यापक बन गए। उन्हें नवीन तैनाती प्राथमिक  विद्यालय कौलारी, शमसाबाद में मिली। उन्हें जून से प्रोन्नत वेतनमान मिलना चाहिए था। 

आरोप है कि वेतनमान में वृद्धि के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी। तीन महीने से वो प्रोन्नत वेतनमान लेने के लिए भटक रहे थे। खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय, शमसाबाद में बिल बाबू का कार्य देख रहे शिक्षक सोबरन सिंह ने 15 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। बाद में 10 हजार रुपये तय किए।
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ऐसे पकड़ा गया

अमित ने रिश्वत नहीं दी तो उसे वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया। इस पर उसने विजिलेंस आफिस में शिकायत की। जांच की गई। विजिलेंस ने जाल बिछाया। गुरुवार को सोबरन रिश्वत की रकम लेने के लिए राजामंडी आया था। 

इस दौरान विजिलेंस की टीम के अधिकारी भी मौजूद रहे। दोपहर में बाबू सोबरन सिंह आया। उसने जैसे ही रिश्वत ली। उसे विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी बाबू का थाना एमएम पुलिस के हवाले कर दिया गया। 

अलीगढ़ का रहने वाला है आरोपी

विजिलेंस के मुताबिक, आरोपी बाबू सोबरन सिंह मूलरूप से अलीगढ़ के दादो का रहने वाला है। इस समय आयुषि विहार, शमसाबाद रोड पर रहता है। उनकी तैनाती शिक्षक के पद पर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, इसौली पर थी। 

मगर, खंड शिक्षाधिकारी के कार्यालय से खुद को बिल बाबू के पद पर संबद्ध करा रखा है। गुरुवार को बीएसए कार्यालय में अध्यापक नियुक्ति के पत्र बांटे जा रहे थे। इसमें एबीएसए आए थे। सोबरन सिंह भी उनके साथ आ गया। वो शिक्षक अमित से रकम लेने पहुंच गया।
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