स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की सुगबुगाहट के बीच नगर निगम ने शहर में प्रदूषण फैलाने वालों और उनपर कार्रवाई न करने वालों पर सख्ती शुरू कर दी है। मंगलवार को निगम ने गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई न करने पर पांच सेनेटरी इंस्पेक्टरों को (एसएफआई) को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि शहर में कहीं भी कचरा फेंकने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। व्यापारिक प्रतिष्ठान कचरा निस्तारण के लिए डस्टबिन नहीं रखते या जहां खाने-पीने का सामान आसपास फेंका जा रहा है, उनपर जुर्माना लगाया जाता है। इन पर कार्रवाई न करने पर अब ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
जो अधिकारी दस माह में प्रवर्तन कार्रवाई के नाम पर तीस हजार रुपये से भी कम का जुर्माना वसूल पाए हैं, उनसे जवाब मांगा गया है। इनमें एसएफआई गंभीर सिंह, नुपुर सिंह, निरेंद्र कुमार, एमपी सिंह और सीएसएफआई रमेश चंद्र सैनी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सहायक नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जो भी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी में ढिलाई दिखाएंगे, उन पर सीधे कार्रवाई की जाएगी। बुधवार से शुरू होने वाले इस साप्ताहिक अभियान के तहत हर दिन अलग-अलग श्रेणी में कार्रवाई की जाएगी।