तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण बीवीजी के कर्मचारियों ने हड़ताल की है। उन्होंने शिल्पग्राम के गेट पर खड़े होकर नारेबाजी
की और वेतन न मिलने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है।
दिवाली के लिए घरों की सफाई चल रही है और ताजगंज में सड़कों पर कचरा फैला है। कारण यह है कि ताजमहल के दो किलोमीटर परिधि में सफाई करने वाले भारतीय विकास ग्रुप (बीवीजी) के कर्मचारियों ने मंगलवार को फिर से हड़ताल कर दी। सफाई व्यवस्था ठप हो जाने के कारण ताजगंज और ताजमहल के पूर्वी गेट व पश्चिमी गेट पर कचरे के ढेर जगह-जगह लग गए। सड़कों और फुटपाथ पर कूड़ा बिखरा रहा।
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तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण बीवीजी के कर्मचारियों ने हड़ताल की है। उन्होंने शिल्पग्राम के गेट पर खड़े होकर नारेबाजी की और वेतन न मिलने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है।
नगर निगम और एडीए ने ताजमहल के आसपास विश्वस्तरीय सफाई रखने के लिए भारतीय विकास ग्रुप से हर माह 26.50 लाख रुपये का सफाई का अनुबंध किया था लेकिन 3 महीने से बीवीजी कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। 20 तारीख को हड़ताल के बाद सफाई कर्मचारी नगर आयुक्त निखिल टीकाराम फुंडे से नगर निगम जाकर मिले थे। तब उन्होंने 5 दिन के अंदर बकाया वेतन दिलाने का आश्वासन दिया था लेकिन 7 दिन बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को एक पैसा भी नहीं मिला तो उनका आक्रोश फूट पड़ा।
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वेतन न मिलने से कर्मचारी हड़ताल पर गए
- फोटो : अमर उजाला
शिल्पग्राम के सामने सभी सफाई कर्मचारियों ने इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना था कि वह तब तक काम नहीं करेंगे जब तक उन्हें वेतन नहीं दिया जाता। 3 महीने से उनका परिवार पाई-पाई के लिए मोहताज है। त्योहार सिर पर है और उन्हें घर चलाने के लिए वेतन चाहिए।
दो दिन से कूड़ा नहीं उठा
घर के सामने और गली के मोड़ पर दो डस्टबिन लगे हुए थे। दो दिन से कूड़ा नहीं उठाया गया। अब बदबू के मारे हाल बुरा हो गया है। -ताहिर, ताजगंज
निगम कराए यहां सफाई
हर महीने वेतन नहीं मिलने के कारण बीवीजी के कर्मचारी हड़ताल पर रहते हैं। इस से अच्छा है कि नगर निगम करार खत्म करके अपने कर्मचारियों से सफाई कराए। -राशिद खान, ताजगंज
लॉकडाउन के बाद अब पर्यटकों ने ताजमहल आना शुरू किया है। वह सड़कों पर कचरा देखकर आगरा की कैसी छवि लेकर जाते होंगे। आगरा के सबसे गंदे शहरों में से एक होने की चर्चा इन्हीं वजहों से चलती है। -सन्दीप अरोड़ा, होटल संचालक
बाकी शहर में भी नहीं उठा कूड़ा
ताजगंज में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सड़कों और गलियों में कचरे के ढेर लगे हैं लेकिन बाकी शहर का हाल भी ठीक नहीं है। त्योहार से पहले शहर की गलियों और सड़कों पर कूड़ा बिखरा हुआ है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो पाने के कारण नालियों और नालों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
शहर में आजमपाड़ा, पृथ्वीनाथ, महर्षिपुरम, गैलाना, खंदारी, सुभाष नगर, अलबतिया, शाहगंज क्षेत्र में गलियों और सड़कों के साथ नाले कूड़े से भर गए हैं। 40 कॉलोनियों से कूड़ा नहीं उठ रहा है। वार्ड 41 के न्यू आजमपाड़ा में रहमानी मस्जिद के पास वाला नाला कचरे से भरा पड़ा है।
इससे नाला पूरी तरह से चोक हो गया। क्षेत्रीय पार्षद राहुल चौधरी के मुताबिक वह सेनेटरी इंस्पेक्टर से कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन ना तो डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हो रहा है और ना ही नालों से कचरा बाहर निकालकर सफाई हो रही है।