अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों से बातचीत के लिए अपने मोबाइल में सिग्नल एप का प्रयोग करते हैं। इसकी मदद से काॅल करने पर नंबर भारत का ही नजर आता है। लोग समझते ही कि यहीं से काॅल की जा रही है। लोगों को डिजिटल अरेस्ट, निवेश के नाम पर ठगा जाता था। महाराष्ट्र का आमिर ग्रेजुएट है। वह दुबई में बिजनेस करता है। उसकी भी मुलाकात साइबर ठगों से हो गई। उसे पता चला कि भारत में बैठे एजेंट खाते खुलवाते हैं। इससे काफी अच्छा कमीशन प्राप्त हो जाता है। इसलिए वो भी गिरोह में शामिल हो गया। खंदाैली का रहने वाला यतेंद्र एमबीए पास है। नाैकरी नहीं मिलने पर वो भी साइबर ठगों के लिए काम करने लगा।
इनकी हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में आमिर (पंदेरी, थाना मंडन्गण, रत्नागिरि, महाराष्ट्र), मोईन खां (इंद्रप्रस्थ, थाना टीला मोड़, गाजियाबाद, मूल पता-ललितपुर, थाना बाडेगांव, काठमांडो, नेपाल), खुर्शीद (इंद्रप्रस्थ, गाजियाबाद), गालिब (टीला मोड़, गाजियाबाद), माधव (मढ़ी डाैकी, फतेहाबाद), आकाश कुमार (बृज विहार, मुराद नगर, गाजियाबाद), गुरुवचन उर्फ विपिन (गाजियाबाद), यतेंद्र उपाध्याय (मां भगवती विहार, राम नगर, खंदाैली), सूरत सेंगर (हाथरस) और अमन त्रिपाठी (कालिंदी विहार, आगरा) हैं। उनसे 11 मोबाइल और 1765 रुपये की बरामदगी हुई है। वहीं श्रीनिवास, अमन, सत्येंद्र, हर्ष, रुद्र, देवा, पासा, भूपेश, मनी और 1 महिला के नाम आए हैं। उनकी तलाश में टीम लगी है।