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आगरा के जिला अस्पताल में डॉक्टर-कर्मचारी पीटे, मरीजों में मची अफरा-तफरी

Fri, 06 Mar 2020 12:05 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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जिला अस्पताल में तोड़फोड़ के आरोपी को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल बृहस्पतिवार को अखाड़ा बन गया। हादसे में घायल मरीज के इलाज को लेकर तीमारदारों ने डॉक्टर और कर्मचारियों पर हमला बोल दिया। उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इमरजेंसी परिसर में तोड़फोड़ की। आधा घंटे तक बवाल हुआ। अस्पताल में भर्ती मरीज और तीमारदारों में अफरातफरी मच गई।
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डॉक्टर और कर्मचारियों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन को हिरासत में लिया है। इमरजेंसी के चिकित्सा अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

शहीद नगर, सदर निवासी टूरिस्ट गाइड हनी उर्फ आमिर बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे अमर होटल तिराहे पर हादसे में घायल हो गए थे। 108 एंबुलेंस के चालक ने उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पैर में चोट लगी थी। सूचना पर पहुंचे परिजन आमिर को निजी अस्पताल में ले जाने लगे। 
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चिकित्सा कर्मचारियों ने कागजी कार्रवाई पूरी होने पर मरीज को ले जाने को कहा। इस पर विवाद हो गया। आरोप है कि आमिर पक्ष ने मारपीट कर दी। इमरजेंसी के शीशे तोड़ दिए। कुर्सी उठाकर फेंक दी। आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. केसी धाकड़, डॉ. यूनिस खान, डॉ. जितेंद्र कुमार पाठक, फार्मासिस्ट श्यामवीर और वार्ड ब्वाय हरिओम पर हमला किया। अफरातफरी मच गई।

डॉक्टर और कर्मचारियों ने खुद को कमरे में बंद होकर खुद को बचाया। सूचना पर थाना रकाबगंज की फोर्स पहुंच गई। पुलिस ने तीन आरोपी राशिद, सादाब और फैजान को पकड़ लिया। सीओ सदर विकास जायसवाल ने बताया कि मरीज के इलाज को लेकर विवाद हुआ था। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. केसी धाकड़ की तहरीर पर राहिला, फैजान, सादाब, रासिद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़, गालीगलौज, सात सीएलए एक्ट और उत्तर प्रदेश चिकित्सा परिचर्या सेवा कर्मी और चिकित्सा परिचर्या सेवा संस्था (हिंसा और संपत्ति क्षति का निवारण) अधिनियम 2013 में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ विकास जायसवाल का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
 
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108 एंबुलेंस ने मारी थी टक्कर
आमिर के जीजा राशिद का कहना है कि आमिर को 108 एंबुलेंस से टक्कर लग गई थी। चालक जबरन उसे जिला अस्पताल में लेकर आया था। भर्ती कराने के बाद चला गया। आमिर के खून निकल रहा था। इस पर चिकित्सकों से इलाज करने के लिए कहा, लेकिन कर्मचारी और डॉक्टर अभद्रता करने लगे। विरोध पर कमरे में बंद करके पिटाई लगाई। बाद में परिजन आए। उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला। पुलिस भी आ गई। वह भी तहरीर देंगे।

होमगार्ड ने डॉक्टर को बचाया
घटना के समय जिला अस्पताल में थाना नाई की मंडी का होमगार्ड दिनेश चंद यादव मौजूद था। वह बचाने के लिए दौड़ पड़ा। एक डॉक्टर को केबिन में बंद करके बचाया। उसी ने पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल भी किया।
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