ककरैठा के शिव मंदिर में बाबा भुड़कनाथ की बूटी पीने उमड़ रही भीड़ गुरुवार को बड़े हादसे का शिकार होने से बची। छोटे से तंबू में बनाए गए बूटी वितरण केंद्र में भीषण गर्मी और उमस के चलते पांच महिलाएं और एक बच्ची बेहोश हो गई, जबकि कई अन्य को चक्कर आए। बार-बार बेकाबू होती भीड़ संभालने में सेवादार ही नहीं बाबा तक के पसीने छूट गए। घबराहट में भुड़कनाथ ने शुक्रवार से शाम को बूटी न पिलाने का एलान कर दिया। हालांकि सुबह का दुग्ध वितरण जारी रहेगा।
चमत्कारी दवा बताई जा रही इस बूटी को पीने के लिए सबसे ज्यादा भीड़ गुरुवार को उमड़ी। व्यवस्था संभालना चुनौती हो गई। बेरिकेड्स टूटे जा रहे थे। गर्मी से बेहाल लोग बूटी जल्दी पीने की कोशिश में बाबा के नजदीक जा रहे थे। इसी चक्कर में हालात बिगड़ने लगे। एक एक कर पांच महिलाओं को चक्कर आया और वहीं पर गिरती चलीं गईं।
सेवादार उनके चेहरे पर पानी डाल डालकर उन्हें होश में लाते रहे। न एंबुलेंस बुलाई गई और न ही कोई डाक्टर। इन महिलाओं में लोहामंडी की पूजा, आवास विकास की भगवान देवी, मलपुरा की पूजा, भगवान टाकीज की रीमा और न्यू कृष्णा कालोनी की सुनीता हैं। इनके अलावा आठ साल के एक बच्चे की हालत भी बिगड़ गई। उसे उल्टियां होने लगीं और बेहोश हो गया। तबीयत ठीक होने पर सुनीता ने कहा कि वह अब कभी दवा पीने नहीं आएगी। भगवान देवी ने कहा कि उससे गलती हो गई जो किसी के कहने में आकर यहां चली आई।
अब हम बूटी नहीं पिलाएंगे
बाबा भुड़कनाथ उर्फ मनोज यादव ने कहा कि भीड़ ज्यादा हो गई है, वे इतने लोगों को बूटी नहीं पिला सकते हैं। थक जाते हैं, इतनी बूटी भी नहीं बन सकती है, इसलिए शुक्रवार से सिर्फ सुबह को दूध पिलाएंगे, शाम की बूटी बंद।
दूर खड़े रहे सिपाही
मंदिर में तीन सिपाहियों और एक दरोगा की ड्यूटी लगी है। दरोगा पहुंचा नहीं। तीन सिपाही दूर खड़े रहे। महिलाओं के बेहोश हो जाने के बाद कई लोगों ने हंगामा किया, तब सिपाही पहुंचे। इसके बाद भी न थाने से और फोर्स मंगाया और न ही एंबुलेंस बुलाई गई।
बूटी परीक्षण का विरोध नहीं करेंगे
बाबा का कहना है कि अगर कोई सरकारी टीम बूटी का परीक्षण करने आती है, तो उसका विरोध नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों बूटी परीक्षण करने पहुंची सीएमओ और एफडीए की टीम को बाबा के चेलों ने विरोध करके भगा दिया था।