आगरा। यमुना नदी में प्लास्टिक और पॉलिथीन का कचरा रोकने के लिए मंटोला नाले पर ढाई साल पहले बबल बैरियर लगाया गया था। सीएसआर फंड से दो सीमेंट कंपनियों ने बबल बैरियर लगाकर यमुना को साफ रखने के दावे किए। 2400 टन प्लास्टिक कचरा नदी में जाने से पहले निकालने का दावा भी किया। लेकिन चार दिन पहले अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता लिसीप्रिया के ट्विटर पर पोस्ट किए गए फोटो ने कंपनियों के दावे की पोल खोल दी।
जिस बबल बैरियर के जरिए कंपनियों ने प्लास्टिक कचरा निकालने का दावा किया, वह ढाई साल से बंद पड़ा है। इसके फेल होने पर नगर निगम और टीटीजेड अथॉरिटी के चेयरमैन कमिश्नर ने सोलर पैनल की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए, लेकिन बबल बैरियर यमुना नदी में प्लास्टिक को रोकने में नाकाम रहा। शहर के पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने नगर निगम से बबल बैरियर से जुड़ी जानकारियां मांगी हैं।
अपने प्रचार तंत्र में बबल बैरियर को दोनों कंपनियों ने सफल बताया। डॉल्फिन और कई तरह की मछलियों के पहुंचने के दावे किए गए। 2400 टन प्लास्टिक कचरा निकालने का प्रचार किया गया, पर हकीकत इससे एकदम उलट है। ताजमहल के पीछे ही प्लास्टिक कचरे का टापू अब भी बना हुआ है। नगर निगम ने दशहरा घाट के पास सफाई कराई, लेकिन पूर्वी गेट नाला ताज टैनरी के आगे जहां यमुना में मिलता है, वहां प्लास्टिक, पॉलिथीन जमा हो रही है।
मंटोला नाले पर लगा बबल बैरियर बंद पड़ा है। आगरा को पायलट प्रोजेक्ट बताकर कंपनियां फर्जी दावे कर रही हैं। नगर निगम को रिपोर्ट जारी करनी चाहिए कि दो साल में कितनी पॉलिथीन और प्लास्टिक कचरा निकाला है। अगर निकाला है तो ताज के पीछे कचरा कैसे पहुंच गया। - डॉ. शरद गुप्ता, पर्यावरणविद
यू ट्यूब और मीडिया में यमुना नदी के फिर से जिंदा हो जाने, जलीय जीवन बरकरार होने का झूठा प्रचार चल रहा है। मेरे रिश्तेदारों ने फोन करके पूछा तो मैने यमुना का हाल वीडियो कॉल करके दिखा दिया। यकीन मानिए, शर्मिंदगी उठानी पड़ी। - संदीप अरोड़ा, अध्यक्ष, आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन
मंटोला नाले में बबल बैरियर दो सीमेंट कंपनियों ने मिलकर लगाया है। इसमें नगर निगम की धनराशि खर्च नहीं हुई है। हमने इसका निरीक्षण किया तो यह बंद मिला था, जिसे शुरू करने के लिए कहा गया। ज्यादा पावर के लिए सोलर पैनल बढ़वाए गए, पर इसके अच्छे परिणाम नहीं मिले हैं। कंपनी का कहना है कि नाले का प्रवाह और गंदगी ज्यादा है। - निखिल टी फुंडे, नगर आयुक्त, नगर निगम