फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झमाझम बारिश ने मौसम किया सुहाना

विज्ञापन
विज्ञापन
एटा/अवागढ़/सकीट/मारहरा/निधौलीकलां/जैथरा/मिरहची। लंबे समय से गर्मी से बेचैन जनमानस को शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश से राहत मिल गई। बारिश होने के बाद किसानों के भी चेहरे खिल उठे हैं, अब तक सूखे की मार झेल रहे खेतों में हरियाली की आस बंधी है। मानसून की पहली बारिश पूरे जिले में जमकर बरसी है।
विज्ञापन

भीषण गर्मी और उमस सुबह से ही परेशान कर रही थी, लोग बारिश होने की प्रार्थनाएं किए जा रहे थे। मौसम विभाग के अलर्ट पर भी लोगों को भरोसा कम ही हो रहा था। लेकिन दोपहर बाद में आसमान में छाई काली घटनाओं ने संदेश दिया कि मेघा जमकर बरसने को आतुर हैं। काली घटा को देखने के लिए लंबे समय पर मन तरस गया था इसकी भी भरपाई हो गई। लेकिन दोपहर दो बजे आसमान से झमाझम बारिश होने लगी तो तेज हवाओं ने ठंडक का एहसास कराते हुए गर्मी से राहत भी दिलाई। झमाझम बारिश जलेसर, अवागढ, निधौली कलां, मारहरा, जैथरा, अलीगंज और सकीट सहित पूरे जिले में हुई। हमारे संवाददाताओं ने बारिश होने की पुष्टि की है और मौसम में आए बदलाव के बाद सबसे ज्यादा खुशी किसानों के चेहरों पर देखी जा रही है। किसान अब तक सूखे की मार झेलने को मजबूर थे और खरीफ की फसल को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे थे। धान की फसल के लिए नर्सरी भी डाल ली मगर बारिश नहीं होने से धान की रुपाई नहीं हो पा रही थी। अब किसान धान की फसल के साथ-साथ अन्य फसलों की बुवाई भी कर सकेंगे।
जलभराव से आफत, गर्मी से मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
कासगंज। शुक्रवार को मानसून ने जनपद में दस्तक दे दी। दोपहर के बाद जमकर तेज बारिश हुई। बारिश सह कई स्थानों पर जलभराव हो गया। जिससे लोगों को दिक्कतें हुई, लेकिन तापमान कम होने से लोगों को गर्मी से राहत मिल गई। शुक्रवार को तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पर रहा।
विज्ञापन

बादलों के जमकर बरसने से सोरों गेट के अंबेडकर पार्क इलाके में गलियों में जलभराव हो गया। गंगेश्वर कालोनी, लवकुश नगर सहित अन्य क्षेत्रों में भी जलभराव से लोगों को दिक्कतें हुईं। तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक चल रहा था वह बारिश के बाद 34 डिग्री सेल्सियस तक आ गया।
किसानों के खिले चेहरे, अभी और बारिश की दरकार
कासगंज। मानसून की पहली बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं सूखे खेतों में भी परवेट हो गई। किसान खरीफ की फसल के लिए जिस बारिश का इंतजार कर रहा था शुक्रवार को उसकी दस्तक हो गई। किसानों को फसल की वोवाई लिए खेतों में पानी की आवश्यकता था। किसान हरवीर ने बताया कि कुछ देरी से ही सही बारिश से खेतो को पानी मिला है। अभी और पानी की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें