एटा। जनपदीय स्कूलों में मुस्लिम बच्चों का पंजीकरण नहीं बढ़ रहा। प्रचार प्रसार एवं सुविधाओं के बाद भी बच्चे स्कूल मदरसों में नहीं पहुंच रहे। जिले में संचालित 3536 विद्यालयों के आंकड़ों के अनुसार गत शिक्षा सत्र में 4.43 प्रतिशत मुस्लिम बच्चे ही स्कूलों में पहुंचे।
दावों के बाद भी मुस्लिम बच्चों का रुझान पढ़ाई की ओर नहीं बढ़ रहा। सरकारी, परिषदीय एवं निजी स्कूल तो दूर यह लोग मदरसों में भी पंजीकरण नहीं करा रहे। इसका अंदाजा इस बता से लगाया जा सकता है कि जिले में संचालित 46 उर्दू मदरसों सहित 3536 स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक कुल 4.43 प्रतिशत बच्चों ने पंजीकरण कराया। जूनियर कक्षाओं में यह संख्या घटकर तीन प्रतिशत ही रह गई। कक्षा नौ व दस में 1.54 प्रतिशत पर सिमटे इन बच्चों में मात्र 1.47 फीसद ही इंटर तक पहुंचे।
यहां भी बेटियां आगे
पंजीकरण के बाद पढ़ाई छोडने वालों में बेटों की संख्या अधिक है। स्कूल पहुंचने में आगे रहे बेटे हर कक्षा में बेटियों से पिछड़ते रहे। 4.51 प्रतिशत बेटे एवं 4.35 प्रतिशत बेटियों ने कक्षा एक में प्रवेश लिया। जूनियर में बेटे 2.83 एवं बेटियां 3.27 प्रतिशत रहे। 1.59 प्रतिशत लड़कियों ने इंटर पास की जबकि बेटे 1.4 प्रतिशत पर ही अटक गए।
कक्षा कुल पंजीकरण मुस्लिम बच्चे प्रतिशत
1-5 239893 10648 4.43
6-8 115099 3500 3.04
9-10 82004 1265 1.54
11-12 53040 783 1.47
अल्पसंख्यक समुदाय की बस्तियों को चिह्नित किया जा रहा है। जहां 25 फीसदी अल्पसंख्यक आबादी है वहां पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्हें जागरूक करते हुए परिवारों व उनके बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अल्प संख्यक विभाग लगातार कार्य कर रहा है।
- अबुल कलाम, एएसडीएम/अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी