बरनाहल (मैनपुरी)। विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत अढ़पुर में विकास कार्यों के लिए आई लाखों की निधि तो खर्च हो गई, लेकिन आज भी मजरों में रहने वाले लोगों को समस्याओं से निजात नहीं मिल सकी।
ग्राम पंचायत अढ़पुर के गांव बरहिया में ग्रामीण समस्याओं से जूझ रहे हैं। हाल ये है कि यहां सालों से कोई विकास कार्य नहीं कराया जा सका। कच्ची गलियां में जलभराव के कारण दलदल में तब्दील हो जाती हैं। हाल ये है कि कोई भी ग्रामीण गांव में शादी व अन्य कोई कार्यक्रम नहीं करता है। क्योंकि उन्हें इससे समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं गाव को खुले में शौच मुक्त करने के लिए बनाए गए शौचालय भी खस्ताहाल हैं। मानकों को ताक पर रखकर बनाए गए शौचालय या तो अधूरे पड़े हैं या फिर जर्जर हो चुके हैं। लेकिन इससे जिम्मेदारों को कोई लेना देना नहीं है। पेयजल संकट से भी ग्रामीण जूझ रहे हैं। हाल ये है कि गांव में लगे हैंडपंप में से चार खराब पड़े हुए हैं। इसके कारण लोगों को पेयजल की भी समस्या हो रही है।
हाईलाइट्स
-05 हजार है ग्राम पंचायत अढ़ूपुर की आबादी
-14 सौ के करीब हैं ग्राम पंचायत में मतदाना
-04 गांव हैं ग्राम पंचायत में शामिल
लोगों की बात
किसी भी गांव में आज गलियां कच्ची नहीं हैं। लेकिन हमारे गांव में आज तक गलियों को पक्का नहीं कराया गया। इससे लोगों को मुश्किल हो रही है।
तुलजाराम।
अगर गलियों को पक्का न कराया जाए, लेकिन नालियां ही बनवा दी जाएं तो राहत होगी। इससे बारिश के दौरान ही केवल जलभराव की समस्या आएगी।
अजयपाल।
ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी है कि वह पंचायत के सभी गांवों में समान विकास कार्य कराए। लेकिन हमारे यहां भेदभाव करते हुए कार्य कराए गए हैं।
रामपाल।
अगर ग्राम पंचायत में विकास कार्य नहीं कराए गए हैं तो प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी ने कभी गांव का निरीक्षण नहीं किया।
मनोज कुमार।
बीते साढ़े चार साल में लगभग 38 लाख रुपये विकास कार्य के लिए मिले। धनराशि के अनुसार ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराए गए। जहां भी जरूरत हैं वहां भी विकास कार्य कराएं जाएंगे।
प्रमिला देवी, प्रधान।