मैनपुरी। विकास भवन में तैनात एक कर्मचारी ने काम के अधिक बोझ के चलते स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन कर दिया। दरअसल ये उन्होंने अपनी इच्छा से नहीं किया बल्कि काम के बोझ के चलते उन्हें मजबूरन ये कदम उठाना पड़ा। इसकी चर्चा कर्मचारियों के बीच जोरों पर है।
शहर निवासी रामाकांत दुबे विकास भवन में जिला विकास अधिकारी कार्यालय में तैनात हैं। उनके पास स्थापना लिपिक के साथ ही विकास भवन के नाजिर का भी कार्यभार है। इसके चलते कार्यालय के कार्य के अलावा उन्हें पूरे विकास भवन की व्यवस्था देखनी पड़ती है। अगर कोई चूक होती है तो अधिकारी कार्रवाई कर देते हैं। कई बार कहने के बाद भी जब उनसे काम का बोझ कम नहीं किया गया तो उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का कदम उठा लिया।
बीते सप्ताह उन्होंने जिला विकास अधिकारी पीके राय को अपना आवेदन सौंपा है। इसमें उन्होंने खुद को सेवानिवृत्त किए जाने की मांग की है। हालांकि अब तक उनके आवेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन काम के बोझ के चलते नौकरी छोड़ने का ये पहला मामला सामने आया है। इसकी कर्मचारियों की बीच खूब चर्चा है।
एक दिन के अवकाश में भी मिला नोटिस
विकास भवन में तैनात रमाकांत दुबे की परेशानी को इससे समझा जा सकता है कि उन्होंने नए वित्तीय वर्ष में अब तक केवल दो ही छुट्टियां ली हैं, लेकिन दूसरी छुट्टी पर उनसे स्पष्टीकरण तलब हो गया। जबकि उन्होंने तीन दिन पहले ही जिला विकास अधिकारी से अपना अवकाश स्वीकृत कराया था।