एटा। झोलाछापों पर कार्रवाई के नाम पर लगातार छापेमारी हो रही है। नोटिस देकर कर्तव्यों से इतिश्री करने वाले जिम्मेदार अपंजीकृत क्लीनिकों की ओर देख भी नहीं रहे हैं। मेडिकल स्टोर से लेकर बिना परमीशन चल रहीं पैथालॉजी तक पर मरीजों को बोतलें चढ़ाई जा रहीं है। कासगंज रोड पर मरीजों की जान से खेलने का सिलसिला लगातार चल रहा है।
कासगंज रोड से कसेटी को जाने वाले मार्ग पर एक झोलाछाप प्रदीप मेडिकल स्टोर का बोर्ड लगाए है। यहां पर वह क्लीनिक संचालित कर रहा है। इस क्लीनिक पर मरीजों को भर्ती करके दवाएं दी जाती हैं, इतना ही नहीं यहां अन्य कई बड़े खेल भी किए जाते हैं। ही नहीं यहीं पर अपंजीकृत शास्त्री क्लीनिक चल रहा है। यहां पर मरीजों को ड्रिप लगाकर उपचार किया जाता है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की नजर नहीं है अथवा संरक्षण प्राप्त है। इसकी वजह से एटा-कासगंज हाइवे पर सरेआम डाक्टरी का पेशा किया जा रहा है। बड़ा सवाल यह है कि झोलाछापों के यहां छापे मारने वाले आखिर इस ओर क्यों नहीं देख रहे।
पिछले दिनों झोलाछाप के इलाज से यहां हुईं मौतें
शिवसिंहपुर में झोलाछाप के इलाज से बालक की हुई थी मौत।
पिलुआ में हो गई थी युवक की मौत।
कोतवाली देहात के गांव गिरौरा निवासी महिला के नवजात की हुई थी मौत।
जैथरा थाना क्षेत्र में हुई थी मासूम की मौत।
चार माह पहले हरिसिंहपुर निवासी युवक की मौत का मामला।
शहर के एक क्लीनिक पर प्रसूता की मौत हो गई थी। इस क्लीनिक को सील किया गया था।
झोलाछापों और अपंजीकृत क्लीनिकों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभियान जारी है, जहां भी झोलाछाप की दुकानें हैं सूचना मिलते ही वहां छापा डाला जा रहा है। इन पर सख्ती बरतने के साथ ही सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। डा. महाराज सिंह, नोडल अधिकारी, झोलाछाप