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शीतगृहों में सड़ सकते हैं आलू, नहीं हो रही निकासी

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मैनपुरी। बाजार में आलू का भाव नहीं मिलने के कारण शीतगृह आलू से भरे पड़े हैं। इससे उद्यान विभाग को शीतगृहों में रखे आलू के सड़ने की चिंता सताने लगी है। विभाग किसानों को आलू निकासी की चेतावनी दे रहा है, लेकिन फिर भी जिले में निकासी नहीं हो रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आलू की निकासी पांच से छह प्रतिशत कम हुई है।
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आलू उत्पादक किसानों ने आलू की पैदावार के बाद अच्छा भाव मिलने की उम्मीद से शीतगृहों में आलू का भंडारण किया था। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार आलू की अच्छी पैदावार होने के चलते खुले बाजार में अच्छा भाव मिलेगा, लेकिन बाजार में आलू का भाव किसानों को कम मिल रहा है। इस कारण किसान आलू की निकासी नहीं कर रहे हैं। जुलाई के प्रथम सप्ताह तक जिले में सिर्फ 12 प्रतिशत आलू की ही निकासी हुई है। शीतगृहों में 3.52 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित है। किसानों के पास आलू निकासी के लिए 30 नंबर तक का समय है।
मंडी में आठ रुपये किलो बिक रहा है आलू
बात आलू के भाव की करें तो इस वर्ष थोक मंडी में आलू आठ सौ से नौ सौ रुपये क्विंटल बिक रहा है। यानी आठ से नौ रुपये प्रति किलो का भाव थोक मंडी में है, जबकि फुटकर मंडी में आलू 15 रुपये किलो के करीब है। किसानों को यह भाव रास नहीं आ रहा है। उन्हें उम्मीद है कि अगस्त के बाद आलू के दाम बढ़ेंगे।
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