फोटो 1 जिला अस्पताल स्थित डायलिसिस यूनिट में भर्ती मरीज। संवाद
मैनपुरी। जिले के लोगों के खून में क्रोमियम और मरकरी की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई जा रही है। जुलाई से लेकर अब तक डायलिसिस यूनिट में पहुंचे 85 में से 45 मरीजों की जांच रिपोर्ट में क्रोमियम और मरकरी की मात्रा बढ़ी हुई पाई गई है। इनमें से करीब 30 लोगों के खून में क्रोमियम और करीब 15 लोगों के खून में मरकरी की मात्रा अधिक पाई गई है। विशेषज्ञ बताते हैं कि क्रोमियम और मरकरी कैंसरकारी तत्व, किडनी और लिवर फेल कर रहे हैं। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में किडनी की समस्या को लेकर पहुंचने वाले मरीजों की जांच रिपोर्ट जिले के लोगों को चेतावनी दे रही है। जिले के लोगों में क्रोमियम और मरकरी की मात्रा में इजाफा हो रहा है। जो उनके शरीर को कई प्रकार की बीमारियों से ग्रसित कर रहा है। जुलाई से लेकर अब तक डायलिसिस यूनिट में 85 मरीज डायलिसिस कराने पहुंचे हैं। इनमें 45 मरीजों वे हैं जिनकी रिपोर्ट में क्रोमियम और मरकरी की मात्रा अधिक होने के कारण किडनी में नुकसान हुआ है।
नर्वस सिस्टम पर पड़ता असर
जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. गौरव पारिक ने बताया कि शरीर में क्रोमियम और मरकरी की बढ़ी हुई मात्रा नर्वस सिस्टम के लिए बहुत ही हानिकारक होती है। इससे न्यूरोपैथी हो जाता है और शरीर की सभी नर्व खराब होने लगती हैं। क्रोमियम और मरकरी की मात्रा शरीर में बढ़ने से स्किन कैंसर भी होता है। क्रोमियम शरीर में खून बनाना कम कर देता है। ये भी नर्वस सिस्टम पर असर करता है। इससे लिवर और किडनी फेल हो जाती है। ब्रेन के लिए भी खतरनाक होता है। मरकरी एक जहरीली भारी धातु होती है।
क्रोमियम और मरकरी की सामान्य स्थिति
वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. राजविक्रम बताते हैं कि मानव शरीर में क्रोमियम की सामान्य दैनिक आवश्यकता (50-200) माइक्रोग्राम है, जो कि एक आवश्यक खनिज है। जबकि पारा (मरकरी) एक विषाक्त धातु है और शरीर में इसकी कोई भी मात्रा हानिकारक होती है। रक्त में मरकरी का सामान्य स्तर (5) नैनोग्राम/मिलीलीटर से कम होता है। इससे अधिक स्तर स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है।
डायलिसिस यूनिट में बढ़ाए गए तीन बेड
जिला अस्पताल में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर डायलिसिस यूनिट का संचालन किया जा रहा है। यूनिट के प्रभारी नागेंद्र प्रताप ने बताया कि पूर्व में यहां 10 डायलिसिस बेड की व्यवस्था थी। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां तीन बेड बढ़ाए गए हैं। वर्तमान में यूनिट में दो पॉजिटिव और 11 निगेटिव बेड उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहां 90 मरीज रेगुलर उपचार ले रहे हैं।