उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रधान की पत्नी से मंगलसूत्र लूट के मामले में मुकदमा नहीं दर्ज करने पर चौकी प्रभारी अजय जायसवाल को निलंबित कर दिया गया। इस समय संजय प्लेस चौकी पर तैनाती थी। उधर, पीड़ित का कहना है कि घटना सीसीटीवी में कैद हुई थी। दरोगा की लापरवाही से फुटेज भी डिलीट हो गए। बदमाश पकड़ भी गए तो मंगलसूत्र की बरामदगी मुश्किल होगी।
इटावा के गांव बलरई के प्रधान मनीष मानवेंद्र सिंह सेक्टर 5 में रहते हैं। 11 अप्रैल को पत्नी विनीता के साथ सिकंदरा रोड पर लक्ष्मी मैरिज होम के पास बाइकर्स गैंग ने मंगलसूत्र की लूट की थी। मामले में पश्चिमपुरी चौकी प्रभारी रहे अजय जायसवाल ने कोई कार्रवाई नहीं की। तीन दिन पहले पुलिस आयुक्त से शिकायत करने पर मुकदमा लिखा गया।
यह घटना सीसीटीवी कैमरे कैद हो गई थी। 100 दिन की देरी के बाद सीसीटीवी फुटेज मिलना भी आसान नहीं है। ऐसे में बदमाश पकड़े जाना भी मुश्किल होगा। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से आरोपी नहीं पकड़े जा सकेंगे। उन्होंने पत्नी को मंगलसूत्र तोहफे में दिया था।
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि मामले में चौकी प्रभारी अजय जायसवाल की लापरवाही सामने आई है। उनका स्थानांतरण पश्चिमपुरी चौकी से थाना हरीपर्वत की संजय प्लेस चौकी पर हो गया था। मामले में एसीपी हरीपर्वत आदित्य सिंह ने रिपोर्ट दी थी। इसके आधार पर निलंबित कर दिया गया है। वहीं घटना के खुलासे के लिए टीम को लगाया गया है।