कासगंज। करीब छह वर्ष पहले बंद हो चुकी अलीगढ़ की गोपी चीनी मिल पर किसानों का गन्ना भुगतान बकाया है। न्यायालय के आदेश पर अलीगढ़ प्रशासन तीन साल पहले गोपी मिल की संपत्ति कुर्क कर नीलामी निकाली लेकिन कोई खरीदार नहीं मिल सका है।
7 साल पहले जब न्यौली चीनी मिल गन्ना किसानों का भुगतान लटका रही तो किसानों ने पड़ोसी जिला अलीगढ़ की गोपी चीनी मिल में गन्ने की बिक्री की। उस समय गोपी चीनी मिल ने आश्वासन दिया था कि गन्ना खरीद के बाद शीघ्र ही भुगतान कर दिया जाएगा।
समय गुजरता गया मिल ने चीनी भी बेच ली और फिर किसानों का भुगतान भी नहीं किया। उसके बाद मिल बंद हो गई। जिले के लगभग 800 किसानों का 10 करोड़ रुपया मिल पर बकाया है। न्यायालय से आदेश मिला कि मिल की संपत्ति बेचकर किसानों का बकाया भुगतान करा दिया जाए। अलीगढ़ जिला प्रशासन ने गोपी चीनी मिल की आरसी जारी कर दी और संपत्ति कुर्क की, लेकिन अभी तक नीलामी न होने से किसानों का भुगतान नहीं हुआ है। कलानी के किसान रामस्वरूप का कहना है कि हमने वर्ष 2013 में गोपी चीनी मिल को गन्ना बेचा, लेकिन गन्ने का भुगतान नहीं हुआ। किसानों का दस करोड़ रुपया बकाया है।