आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में चीन के छह छात्र रह रहे हैं। सत्र पूरा हो चुका है। चीन सहित कई देशों के विद्यार्थियों को इंतजार है कि उनके देश से भी विशेष विमान आएगा और देश के बाकी नागरिकों के साथ उन्हें भी ले जाएगा। अभी तक छात्रों को भेजने के संबंध में दूतावास से कोई पत्र संस्थान को नहीं मिला है।
संस्थान में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में 28 देशों के करीब 87 छात्र-छात्राएं थे। अब 20 देशों के करीब 55 विद्यार्थी रह गए हैं। श्रीलंका, पोलैंड, दक्षिण कोरिया, टर्की आदि देशों के छात्र-छात्राएं अपने देश जा चुके हैं।
संबंधित देशों से विमान अपने यहां के नागरिकों को लेने के लिए आए थे। छात्र-छात्राओं को भेजने की जिम्मेदारी संस्थान की होती है, फ्लाइटें बंद होने से वह इंतजाम नहीं कर पा रहा है।