चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक बुधवार को ताजमहल देखने पहुंचे। स्मारक में भ्रमण के दाैरान इतिहास से जुड़ी उन्होंने विभिन्न जानकारी कीं। स्मारक में पच्चीकारी के बारे में पूछा तो आगरा का इतिहास जानने में भी रुचि दिखाई।
धूप में दमकते ताजमहल की खूबसूरती पर चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक मुग्ध हो गए। घंटेभर के भ्रमण में उन्होंने पच्चीकारी की बारीकी जानी। ऐतिहासिक महत्व जानने में भी खासी रुचि दिखाई। ताजमहल और शहर के बारे में उन्होंने गाइड से कई सवाल किए। इनके जवाब मिलने के बाद ताजमहल को बहु संस्कृतिवाद को दर्शाने वाला बताया।
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चिली के राष्ट्रपति को भ्रमण कराने वाले नितिन सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति शाम को 4:20 बजे ताजमहल पहुंचे। उन्होंने रॉयल गेट से लेकर मुख्य मकबरा तक निहारा। पूछा कि क्या ये शाहजहां की असली कब्र हैं, ये सामान्य पर्यटकों के लिए खोली जाती हैं क्या।
उन्हें बताया गया कि साल में एक बार उर्स के दौरान ही ऐसा होता है। पच्चीकारी और मार्बल की सुंदरता को देखकर वो दंग रह गए। उन्होंने पूछा कि ये मार्बल कहां से आया और इसका निर्माण कब पूरा हुआ। उन्होंने आगरा के इतिहास को जानने में भी रुचि दिखाई। पूछा कि आगरा कितना पुराना है और मुख्य शहर की बसावट किस ओर है। प्रश्नों के जवाब मिलने पर वो संतुष्ट दिखे। करीब घंटे भर ताजमहल को निहारा।
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बहुसंस्कृतिवाद को दर्शाता है ताज
ताजमहल की खूबसूरती पर फिदा हुए चिली के राष्ट्रपति ने विजिटर बुक पर अपने भाव लिखे। लिखा कि मानवता के लिए एक स्मारक को बनाए रखने के लिए धन्यवाद, जो इसकी बहुसंस्कृतिवाद को दर्शाता है। ताजमहल देखने से हमें यह एहसास होता है कि हम इतिहास में छोटे हैं, लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जब हम गायब हो जाएंगे।