फिरोजाबाद के थाना फरिहा क्षेत्र के गांव दुगुना में मीट खाने के बाद एक परिवार के तीन बच्चों की हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें उपचार के लिए पहले खैरगढ़ पीएचसी और फिर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दो बच्चों की मौत हो गई। जबकि तीसरे का इलाज चल रहा है। दो बच्चों की मौत के बाद पीड़ित परिवार के आंसू नहीं थम रहे हैं।
बताया गया है कि थाना फरिहा के गांव दुगुना निवासी शराफत खां सोमवार को थाना रामगढ़ के जाटवपुरी चौराहे के पास से मीट खरीदकर ले गया था। पूरे परिवार ने शाम को मीट खाया। शराफत की मानें तो रात में उसके बड़े बेटे फरमान (सात) की हालत खराब हो गई।
उल्टी, दस्त और पेट में दर्द की शिकायत पर उसे पहले गांव के ही एक चिकित्सक को दिखाया लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान फरमान की मंगलवार की शाम को मौत हो गई।
फिर बिगड़ी दो और बच्चों की हालत
पुत्र की मौत हो जाने के बाद वहां से परिजन शव को घर ले गए। मंगलवार की शाम को दूसरे बेटे रिहान (पांच) एवं तीसरे बेटे अब्दुल (दो वर्ष) की भी हालत खराब हो गई। शराफत दोनों को लेकर पहले खैरगढ़ पीएचसी पर गया। चिकित्सकों ने यहां उपचार किया लेकिन कोई राहत नहीं मिल सकी।
बुधवार को सुबह रिहान व अब्दुल को वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सरकारी एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सकों ने रिहान को मृत घोषित कर दिया। दो बच्चों की मौत से शराफत एवं उसकी पत्नी मरजीना बेगम का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बिना पीएम कराए शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
खाद्य विभाग करेगा कार्रवाई
मामले में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीएस कुशवाह का कहना है कि थाना फरिहा के गांव दुगुना मीट (गोश्त) खाने से दो बच्चों की मौत के मामला संज्ञान में आया है। टीम को भेजकर यदि वहां पका हुआ मीट मिला तो उसका सैंपल लिया जाएगा। गुणवत्ता खराब होने पर संबंधित दुकानदार के भी खिलाफ कार्रवाई होगी।
सीओ जसराना संजय रेड्डी ने बताया कि थाना फरिहा के गांव दुगुना में मीट खाने से दो बच्चों की मौत होने की सूचना पर गांव थानाध्यक्ष फरिहा के साथ गया था। पीड़ित परिवार से भेंट की। लेकिन परिवार नें कार्रवाई के लिए कोई पत्र नहीं दिया है।