राजकीय बाल (शिशु) गृह में दो दिन में तीन शिशुओं की मौत की खबर का स्वत: संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार सरंक्षण आयोग ने जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) का बुधवार को सर्किट हाउस में तलब किया है। आयोग के सदस्य डॉ. साक्षी बैजल ने घटना पर सख्त आपत्ति जताते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजने की बात कही है।
धनौली-जगनेर रोड स्थित अभयपुरा मोड़ पर संचालित राजकीय बालगृह में 24 व 25 अक्तूबर को 48 घंटे में तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी। तीनों नवजात कन्याएं थीं। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला मजिस्ट्रेट प्रभु एन सिंह ने सोमवार को सीडीओ से जांच कराई।
मंगलवार को खबर का स्वत संज्ञान आयोग के सदस्य डॉ. साक्षी बैजल ने लेते हुए डीएम के माध्यम से डीपीओ व सीएमओ को नोटिस जारी कर बुधवार को तलब किया है। आयोग के सदस्य डॉ. बैजल ने कहा कि शिशुओं की मौत में प्रथम दृष्ट्या लापरवाही प्रतीत हो रही है। बुधवार को बाल गृह में जाकर जांच के बाद सीएमओ व डीपीओ का पक्ष सुनूंगा।