आगरा के बिचपुरी ब्लॉक क्षेत्र के गांव लड़ामदा में शुक्रवार को नासिर (9) की नाले में गिरकर मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही से बालक की जान गई है। लड़ामदा निवासी भजनलाल ने बताया कि कॉमन फैकल्टी सेंटर वर्कशॉप के बगल से नाला बना हुआ है। उसकी गहराई करीब चार फीट है। चार दिन पूर्व ब्लॉक के अधिकारियों ने जेसीबी से नाले की सफाई कराई थी। कचरे के ढेर को हटवाने के बजाय नाले के किनारे पर रख दिया।
शुक्रवार की दोपहर नासिर (9) पुत्र अनीश अपने दोस्तों के साथ नाले के पास खेल रहा था। तभी नाले के किनारे पर रखी गंदगी पर उसका पैर फिसल गया और वह नाले में गिरकर डूब गया। ग्रामीणों ने किसी तरह नासिर को बाहर निकाला। परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पिता 10 साल से लापता
मां मुस्कान ने बताया है कि नासिर के पिता अनीश आगरा की एक जूता फैक्टरी में मजदूर थे। दस साल पूर्व वे घर से फैक्टरी में काम करने गए थे। तभी से लापता हैं। वह मजदूरी करके अपने बच्चों की पालन पोषण कर रही है। नासिर की मौत से उसके बड़े भाई मनीष, रियाज, इस्ताक और बहन इशाना की रो-रोकर हालत खराब है।
अफसरों के खिलाफ नाराजगी
नाले में गिरकर बालक की मौत हो जाने से ग्रामीणों में अफसरों के खिलाफ गुस्सा है। उनका कहना है कि अगर अधिकारियों ने गंदगी के ढेर को हटवाया होता तो नासिर की जान नहीं जाती। पूर्व प्रधान कृपाल सिंह, इशाक मोहम्मद, गुलशेर खां, परवेज, बहादुर सिंह, नाहर सिंह आदि के अनुसार एक बुजुर्ग और एक बाइक सवार भी नाले में गिर चुके हैं। उन्होंने नाले के किनारे रखे गंदगी के ढेर को हटवाने की मांग की है।