बच्चों का शोर सुनकर आए लोगों ने किसी तरह आग बुझाई।
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थाना एत्माद्दौला के नुनिहाई की वाल्मीकि बस्ती में मंगलवार रात मजदूर परिवार के घर में बच्चों के खेल के दौरान केमिकल से भरी केन में आग लग गई। आग से पांच साल का बालक जिंदा जल गया, जबकि उसके भाई सहित दो बालक बुरी तरह से झुलस गए। बच्चों का शोर सुनकर आए लोगों ने किसी तरह आग बुझाई। झुलसे बालकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवारीजनों ने पुलिस को घटना की जानकारी नहीं दी है।
नुनिहाई निवासी रामप्रसाद सिंह मजदूरी करते हैं। मंगलवार रात को घर की छत पर रामप्रसाद के बेटे कन्हैया (8), वंशु (5) और पड़ोसी अशोक का 13 साल का बेटा हरिओम खेल रहे थे। छत पर ज्वलनशील केमिकल से भरी केन भी रखी हुई थी। बच्चे खेल के दौरान उस केन से केमिकल निकालकर दूसरे बर्तन में डालने लगे। एक बार तो केन से केमिकल निकाल लिया। एक बार फिर बच्चों ने केन से केमिकल निकाला। अचानक माचिस की तीली निकालकर बर्तन में भरे केमिकल में आग लगा दी। बर्तन से लपटें उठने पर केमिकल से भरी केन में भी आग लग गई। केन फट गई और जलता हुआ केमिकल वंशु पर गिरा। वह लपटों से घिर गया। कन्हैया और हरिओम भी बुरी तरह से झुलस गए। बच्चों की चीख पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग छत पर आ गए। उन्होंने किसी तरह आग पर काबू पाया। वंशु की जलने से मौत हो गई। वहीं उसके भाई और हरिओम को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवारीजनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी। उन्होंने वंशु के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
लोगों ने मदद को बढ़ाया हाथ
रामप्रसाद का परिवार काफी गरीब है। उनके पास दूसरे बेटे के इलाज के लिए रुपये तक नहीं थे। वहीं अशोक के पास बेटे हरिओम के इलाज के लिए रकम नहीं थी। इस पर मोहल्ले के लोगों ने मदद के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए। किसी ने 500 रुपये तक किसी ने एक रुपये तक चंदा किया। इस तरह से मोहल्ले के लोगों ने दोनों के इलाज के लिए 1.5 लाख रुपये की रकम जुटा ली। तब कहीं दोनों बच्चों का इलाज हो सका।
परिवार में मचा कोहराम
घटना के वक्त कन्हैया और वंशु की मां और दादा घर में ही थे। वह लोग नीचे कमरों में मौजूद थे। आग लगने की जानकारी उन्हेें काफी देर बाद हुई। दादा को इस बात का गम है कि वह बच्चों को समय रहते बचा नहीं पाए। परिवारीजनों के आंसू नहीं रुक रहे हैं।