ताजमहल के पास ताजगंज की सूरत बदलने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 197 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, लेकिन उन्हीं के ड्रीम प्रोजेक्ट पर टोरंट पावर न केवल दाग लगा रहा है, बल्कि प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई कोबल स्टोन की सड़क पर भी कुदाल चलाने लगा है।
ताजगंज में बिजली के तार अंडरग्राउंड करने में टोरंट ने देरी करने के साथ कई केबल ऊपर से भी निकाल दिए। राजकीय निर्माण निगम ने टोरंट को बिजली के तार अंडरग्राउंड करने पर की जा रही खोदाई में डेमरेज वसूलने की चेतावनी दी है।
ताजगंज प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री ने 30 सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रोजेक्ट में काम पूरा करने के साथ फिनिशिंग की जाने लगी है, लेकिन टोरंट इस पूरे प्रोजेक्ट में दाग लगाने के लिए दनादन कुदाल मार रही है। दरअसल, बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए इस प्रोजेक्ट में कंपनी को 14.42 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन कंपनी ने ताजगंज दक्षिणी गेट की ओर तार अंडरग्राउंड न कर उन्हें नालियों के ऊपर से निकाल दिया।
यहां केबल एक से तीन फुट ऊंचे उठे हुए हैं। अब नालियों को कवर करने के दौरान दिक्कत आ रही है। बेहद भद्दे दिख रहे बिजली के केबल को नीचे करने के लिए निर्माण निगम ने टोरंट को कई बार पत्र लिखे, लेकिन जब रेड सैंड स्टोन की सड़क बनकर तैयार हो गई, तब उन केबल को नीचे दबाने का काम शुरू किया गया। इससे पत्थर उखाड़ने पड़ रहे हैं। यही हाल खंभे उखाड़ने का भी है।
ताजगंज में खंभे लगे हैं, लेकिन कंपनी स्ट्रीट लाइट का बहाना बनाकर उन्हें हटा नहीं रही, जबकि निर्माण निगम ने नामी कंपनी की लाइटें लगवा भी दीं। निर्माण निगम की शिकायत के बाद कुत्ता पार्क के पास जैसे तैसे एक खंभा कटर से काटा गया।
कल पर्यटन महानिदेशक करेंगे निरीक्षण
प्रदेश के सचिव पर्यटन और पर्यटन महानिदेशक नवनीत सहगल शुक्रवार को ताजगंज प्रोजेक्ट का दौरा करने आ रहे हैं। वह ताज पूर्वी गेट से अमर विलास होटल तक बनाए गए सौ मीटर के मॉडल क्षेत्र को देखेंगे और उसके बाद पश्चिमी और दक्षिणी गेट के कार्यों का निरीक्षण करेंगे। तीन सप्ताह पहले आए सहगल को ताजगंज में क्षेत्रीय लोगों ने टोरंट की खामियों के कारण ही घेर लिया था और कंपनी की कई शिकायतें की थीं। अब फिर से क्षेत्रीय लोग मौके पर ही सचिव पर्यटन को टोरंट की कारगुजारियां दिखाने के लिए तैयार हैं।