फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कॉलेज संचालकों ने ठेके लेकर कराई नकल

Mon, 02 May 2016 12:55 AM IST
अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
railway exam - फोटो : railway exam
विज्ञापन
 रेलवे भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में कालेजों ने लाखों रुपये में ठेके लेकर धांधली कराई। यह चौंकाने वाला खुलासा एसटीएफ ने किया। इसमें आगरा के सिकंदरा स्थित देव एजूकेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कालेज के प्राचार्य राजेश सिंह समेत छह लोग गिरफ्तार किए गए हैं। रैकेट का सरगना राहुल गोस्वामी बताया गया है। वह पिछले साल करोड़ों रुपये लेकर एसएससी परीक्षा में कराई गई धांधली का मास्टरमाइंड रहा है। तभी से नोएडा से फरार चल रहा था।
विज्ञापन

पश्चिमी यूपी एसटीएफ ने सभी छह लोगों की गिरफ्तारी आगरा के एनएच-2 स्थित गुरुद्वारा गुरु का ताल से की है। इन्हें 30 अप्रैल को रेलवे भर्ती की आनलाइन कराई गई परीक्षा की दूसरी पाली में गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ के एएसपी आलोक प्रियदर्शी ने थाना सिकंदरा में प्रेस को बताया कि यह गिरोह देव कालेज में मैनपुरी के कोशलेंद्र यादव की धांधली के जरिए परीक्षा कराने आया था। इस धांधली में इसी कालेज का प्राचार्य राजेश कुमार सिंह, आगरा के सिकंदरा निवासी एवं हरदोई में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक मोहन सिंह, हाथरस का राहुल गोस्वामी, भरतपुर का ज्ञानेंद्र सिंह शामिल हैं। कोशलेंद्र के साथ उसके गांव का ही अंकित यादव साल्वर के रूप में आया था।
ये पकड़े गए
1. राजेश कुमार सिंह
गनपति नगर, केके नगर, सिकंदरा आगरा में रहता है। देव एजूकेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज सिकंदरा का प्राचार्य और इंचार्ज है।
2. मोहन सिंह
बल्देव आशियाना, सिकंदरा का निवासी। बीएससी, बीएड है। हरदोई के प्राथमिक विद्यालय जलालपुर में अध्यापक है।
3. राहुल गोस्वामी
मकनपुर, सहपऊ, हाथरस का है। इसे ही मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पहले कोचिंग सेंटर चलाता था। अभ्यर्थी यही लाता है।
4. ज्ञानेंद्र सिंह
अग्रसेन नगर, थाना कोतवाली, भरतपुर का है। वहीं पर सोल्जर डिफेंस एकेडमी के नाम से कोचिंग सेंटर चलाता है।
5. कौशलेंद्र यादव
गोविंदपुर, भोगांव, मैनपुरी का रहने वाला है। रेलवे भर्ती का पेपर देने के लिए आया था।
6. अंकित यादव
कोशलेंद्र के गांव का है। साल्वर के तौर पर उसके साथ आया था।
यह सामान मिला
- बगैर नंबर प्लेट की एक टाटा सफारी, एक स्विफ्ट डिजायर, आठ मोबाइल फोन, 1.08 लाख कैश, 130 प्रवेशपत्रों की छायाप्रति, इतने ही शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की छायाप्रति, कौशलेंद्र यादव के मूल अभिलेख और प्रवेशपत्र, डेल कंपनी का लैपटॉप।
विज्ञापन


ऐसे करते हैं धांधली
1. अभ्यर्थी से मिलती जुलती शक्ल का साल्वर उसके जैसी यूनिफार्म पहनाकर परीक्षा केंद्र में भेज दिया जाता है। वही पूरा पेपर साल्व करता है। इसमें पूरी सेटिंग कालेज की मिलीभगत से होती है। इसके लिए कालेज संचालक लाखों रुपये लेते हैं।
2. परीक्षा केंद्र के बाहर साल्वर लैपटॉप पर डेस्कटॉप शेयरिंग साफ्टवेयर (एमी ) ऑन करके बैठ जाता है। अभ्यर्थी व्हाट्सएप से उसे पासवर्ड भेजता है। इसके बाद अभ्यर्थी माउस हिलाता रहता है। साल्वर पेपर साल्व करता रहता है। इसमें भी कालेज की मिलीभगत होती है।

इन कालेजों में था सेंटर
- देव टेक्निकल सेंटर, कुबेरपुर
- देव एजूकेशन, पीजी कालेज, सिकंदरा
- केबी कालेज, कुबेरपुर
- कुनाल प्रोफेशनल एकेडमी, ग्वालियर रोड
- आरकेजी कालेज, आगरा

हम 70 लाख रुपये दे चुके हैं
गिरफ्तार लोगों ने एसटीएफ को बताया कि वे प्रति अभ्यर्थी 1.30 लाख रुपये के हिसाब से कालेज संचालकों को 70 लाख रुपये दे चुके हैं। एक अभ्यर्थी से छह से साथ लाख रुपये लिए जाते हैं।
बायोमेट्रिक सिस्टम भी कर दिया फेल
आवेदन फार्म पर अंगूठा लगाते समय अभ्यर्थी के अंगूठे पर केमिकल सिलिकॉन लगा देते हैं। इससे लेयर बन जाती है। अभ्यर्थी के वास्तविक अंगूठे की जगह लेयर का निशान आता है। इसके बाद इसी लेयर के साथ हर जगह अंगूठा लगवाया जाता है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें