डा. बीआरए विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में सचल दल ने छापे के पहले ही दिन सोमवार को सामूहिक नकल पकड़ी। रिपोर्ट कुलपति को प्रेषित की जाएगी।
सोमवार को प्रो. प्रदीप श्रीधर के नेतृत्व में दोपहर की पाली में चौधरी गुलाब सिंह महाविद्यालय में चल रही यहां बीएससी प्रथम वर्ष के जूलॉजी के पेपर के दौरान उड़ाका दल पहुंचा। स्क्वाड को कालेज प्रशासन ने प्रवेश करने से रोका। विश्वविद्यालय की ओर से पत्र दिखाने के बाद निरीक्षण करने दिया। टीम ने यहां परीक्षार्थियों की कापियों का मिलान किया तो जवाब एक समान मिले। उत्तर पूछने पर छात्र जवाब नहीं दे सके। 10 कापियों को जब्त कर लिया गया। टीम ने हर्ष महाविद्यालय, सहपऊ में तीन नकलची पकड़े। कापियां जब्त कर ली गई। यहां बीएससी द्वितीय वर्ष की गणित की परीक्षा थी।
कालेज संचालकों ने की अभद्रता
सेल्फ फाइनेंस कालेज एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय अधिकारियों का घेराव कर अभद्रता की। इनकी मांग थी कि काली सूची में शामिल कालेजों में परीक्षा के दौरान पर्यवेक्षक नियुक्त नहीं किए जाएं। विश्वविद्यालय परिसर में एसोसिएशन को कार्यालय के लिए स्थान दिया जाए, बंद लॉग इन आईडी खोलकर परीक्षा फार्म भरवाए जाएं और सचल दल में प्राइवेट कालेज के शिक्षक भी शामिल किए जाएं। मांगों को कुलपति ने परीक्षा समिति में रखने की बात कही, जिस पर भड़के संचालकों ने हंगामा किया। मामला बढ़ने पर पुलिस पहुंची। कुलपति आवास पहुंचे तो संचालकों ने वहां भी जाकर नारेबाजी की। सुनवाई न होने पर मंगलवार को फिर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
सछास ने रोकी वीसी की गाड़ी
समाजवादी छात्र सभा ने परिसर स्थित जुबली हॉल में कार्यक्रम में शामिल होने आए कुलपति की गाड़ी रोक ली। उनकी मांग थी कि पीआरओ की नियुक्ति की जाए। सभा जिलाध्यक्ष आलोक यादव ने बताया कि वीसी ने जल्द पीआरओ नियुक्त करने का आश्वासन दिया है।