सुप्रीम कोर्ट में बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर व्यक्ति से 10 लाख रुपये की ठगी की गई। इतना ही नहीं आरोपी ने जॉइनिंग लेटर भी थमा दिया। जब बेटा जॉइनिंग करने दिल्ली पहुंचा, तो मामले की जानकारी हो सकी।
सुप्रीम कोर्ट में बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर विद्यानगर नगला पदी निवासी घनश्याम से 10 लाख रुपये ठग लिए गए। फर्जी जॉइनिंग लेटर भी दे दिया। बेटा दिल्ली नौकरी करने पहुंचा तो ठगी का खुलासा हुआ। घनश्याम की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी, उसकी पत्नी और बेटा-बेटी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
विज्ञापन
घनश्याम ने आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसी प्रकाश चंद्र कश्यप ने उनकी ठगी की है। उनके बेटे प्रवीण चौधरी की सुप्रीम कोर्ट में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये लिए थे। नौकरी नहीं लगी। रुपयों का तगादा किया तो 15 मार्च, 2024 को आरोपी ने जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के पद का जॉइनिंग लेटर लाकर दिया। घर में खुशी की लहर दौड़ गई। बेटे को नौकरी करने के लिए भेजा। सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर पता चला कि इस पोस्ट पर तो भर्ती निकली ही नहीं है। वहां के कर्मचारियों ने जॉइनिंग लेटर को फर्जी बताया।
प्रवीण ने घर आकर उनको बताया। उन्होंने आरोपी प्रकाश चंद्र से शिकायत की। उसने जल्द रुपये लौटाने का वादा किया। 28 अप्रैल को 1.20 लाख रुपये का चेक दिया। बैंक में लगाया तो हस्ताक्षर का मिलान नहीं हुए। न्यू आगरा थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि केस दर्ज कर लिया है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।