बेनामी संपत्ति पर सरकार सख्त है। नोटबंदी के बाद बेनामी अचल और चल संपत्ति को एक साल में कार्रवाई पूरी कर जब्त किया जा सकता है। वहीं एक से सात साल की सजा भी मिल सकती है।
नए एक्ट के मुताबिक सिविल कोर्ट की जगह बेनामी संपत्ति कार्रवाई पीएमएलए कोर्ट में की जाएगी। इसमें आयकर विभाग के अधिकारी इनीशिएटिंग आफिसर होंगे। एक साल में कार्रवाई पूरी करनी होगी।
बेनामी एक्ट और मनी लांड्रिंग एक्ट पर इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट के सेमिनार में यह जानकारी सीए अविनाश गुप्ता ने दी। शुक्रवार को सेमिनार में आडिट स्टैंडर्ड बोर्ड अध्यक्ष सीए श्यामलाल अग्रवाल ने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं से बचने के लिए सीए को आडिटर की भूमिका दी गई है।
सीए को यह भूमिका पूरी जिम्मेदारी से निभानी होगी। आडिट में आईसीएआई के सभी मानकों का पालन करें और दस्तावेज पूरे करें।