किरावली। ग्राम पंचायत रायभा के धनौली मार्ग पर रवि शर्मा (प्रधान, रायभा) की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर बृहस्पतिवार को भक्ति की अविरल धारा बही। वृंदावन धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथा वाचक गोभक्त संजीव कृष्णा ठाकुर महाराज के मुखारविंद से भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का वर्णन सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
कथा व्यास ने श्रीराम जन्मोत्सव का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार चरम पर थे, तब प्रभु ने राजा दशरथ के आंगन में अवतार लिया। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन सत्य, मर्यादा और आदर्श का वह मार्ग है जिस पर चलकर धर्म की रक्षा संभव है। जैसे ही श्रीराम के जन्म का प्रसंग सुनाया गया, पूरा पांडाल भजनों की धुन पर झूम उठा। नंदोत्सव में मुख्य रूप से परीक्षित गयाप्रसाद शर्मा, ऋषिकेश उपाध्याय, सुभाष उपाध्याय, रवि शर्मा प्रधान, मृदुला शर्मा, रमाकांत शर्मा एडवोकेट, बहादुर मिश्रा, सत्यप्रकाश गौतम, राजा लवानिया, रामवीर, संतोष खिरवार, जितेंद्र, सुरेंद्र चौधरी, महावीर शर्मा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय भक्तगण उपस्थित रहे।
नंद महोत्सव पर गोकुल सा नजर आया रायभा
कथा में श्रीकृष्ण जन्म और नंद महोत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया गया। महाराज ने बताया कि कंस के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने द्वापर युग में वासुदेव-देवकी के यहां जन्म लिया और यशोदा मैया की गोद को सुशोभित किया। नंद के घर आनंद भयौ, जय कन्हैया लाल की आदि भजनों के बीच श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की। महिलाएं ढोलक-झांझ और मंजीरों की थाप पर ''''''''लाल पधारे नंद के घर'''''''' गाते हुए झूम उठीं, जिससे पूरा वातावरण गोकुल धाम जैसा प्रतीत होने लगा।