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नया कानून: 420 अब ठग और धोखेबाज नहीं...भारतीय न्याय संहिता में नई व्यवस्था, जानें लगेगी कौन सी धारा

Tue, 09 Jul 2024 09:37 AM IST
धीरेन्द्र सिंह आशीष शर्मा, आगरा

सार

अब ठगों और धोखेबाजों को 420 नहीं कह पाएंगे। नए कानून में ये धारा बदल दी गई है। अब ठग और धोखेबाजों पर धारा 318 (4) लगेगी।
 
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भारतीय न्याय संहिता। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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भारतीय न्याय संहिता लागू हो चुकी है। नए कानून में आम जनता की सहूलियत का ख्याल रखा गया है। भारतीय दंड संहिता में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ धारा 420 में केस दर्ज होता था। मगर, नई व्यवस्था में धारा 318 (4) लगेगी।
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एडीजीसी आदर्श चौधरी ने बताया कि धोखाधड़ी के साथ ही कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की आईपीसी की धारा 467 की जगह बीएनएस की धारा 338, 468 की जगह 336 (3) और 471 की जगह 340 (2) लगेगी। वहीं दुष्प्रेरण, आपराधिक षडयंत्र और प्रयत्न के मामलों में धारा 34 की जगह 3 (5), 149 की जगह 190, 120 बी की जगह 61 और 511 की जगह धारा 62 को लगाया जाएगा।

 

पहले
भारतीय दंड संहिता का 420
अब
भारतीय न्याय संहिता में 318 (4)

 
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मुख्य बदलाव
धोखाधड़ी के मामलों को 4 भागों को विभाजित किया गया है। सामान्य धोखाधड़ी को पहले भाग में रखा है। इसमें 3 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। दूसरे में आर्थिक, मानसिक, शारीरिक और भौतिक धोखाधड़ी के लिए 3 वर्ष या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। तीसरे में विशेष माध्यम से समव्यवहार पूर्ण छलकपट में 5 वर्ष की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। चौथे में मूल्यवान प्रतिभूति के मामले में धोखाधड़ी पर 7 वर्ष या जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। विवेचना पुलिस को 60 दिन में पूरी करनी होगी। विशेष कारण से विवेचना में विलंब होने पर उचित कारण बताना होगा।
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