कासगंज चंदन गुप्ता का फाइल फोटो
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कासगंज। वर्ष 2018 में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा में जान गवाने वाले चंदन गुप्ता का परिवार सरकार की उपेक्षा से आहत है। चंदन के माता-पिता लखनऊ में डेरा जमाए हुए हैं। वहां उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है। परिवार ने सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया है।
26 जनवरी 2018 को कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी। इसमें चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। उस समय पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और नगर के एक चौक का नाम चंदन चौक रखने की मांग उठी थी, लेकिन यह मांग पूरी नहीं हुई। अब मांगों को लेकर चंदन गुप्ता का परिवार लखनऊ पहुंच गया है। यहां चंदन के पिता सुशील गुप्ता, मां संगीता गुप्ता, भाई विवेक गुप्ता डेरा जमाए हुए हैं।
चंदन के परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का समय मांगा है। चंदन के पिता सुशील गुप्ता ने बताया कि जब 2018 में घटना हुई थी तब प्रभारी मंत्री सुरेश पासी, क्षेत्रीय संासद राजवीर सिंह ने भरोसा दिया था कि सरकार की ओर से मांगों को पूरा किया जाएगा, लेकिन मांगे पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि उनकी छोटी बेटी कीर्ति गुप्ता को कासगंज ब्लॉक में संविदा पर लोकमित्र की नौकरी दी गई। 5 महीने के बाद सेवा समाप्त कर दी गई। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें पूरी न हुईं तो वे धरना देंगे।