बाह। कोटा बैराज से बुधवार को 1.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से दो दिन में 3.50 मीटर चढ़ी चंबल नदी शनिवार को स्थिर रही। इससे नदी के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। वहीं अभी भी खादर के रास्ते और खेतों में पानी भरा हुआ है।
कोटा बैराज से छोड़े गए पानी और राजस्थान में हो रही बारिश से चंबल नदी में बृहस्पतिवार को उफान आ गया था। दो दिन में 3.50 मीटर जलस्तर बढ़कर 118.50 मीटर हो गया था। शनिवार को 118 मीटर पर चंबल नदी स्थिर रही। एसडीएम रतन वर्मा ने बताया कि लेखपालों को 24 घंटे चंबल नदी के जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं नदी के किनारे के 38 गांवों के लोगों के खेतों में अब भी पानी भरा हुआ है। इन तटवर्तीय गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से परेशान हैं। बताया कि तराई के खेतों में पानी भरने से उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं।