टूरिस्ट बसों के किए चालान, भटकते रहीं सवारियां
यात्रियों को उतारकर कर थाने में खड़ीं की बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। शहर में डग्गामार बसों का बोलबाला है। जब भी शासन की ओर से सख्ती की जाती है तो एआरटीओ और पुलिस कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है। बुधवार की सुबह दन्नाहार क्षेत्र में 7 टूरिस्ट बसों को रोक चालान कर थाने में खड़ा करा दिया गया। बसों के यात्री कई घंटों तक भटकते हुए परेशान होते रहे। लेकिन किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली।
बुधवार की सुबह दन्नाहार क्षेत्र में सुबह एआरटीओ और सीओ सदर ने टूरिस्ट बसों की धरपकड़ को लेकर अभियान चलाया। इस दौरान 7 बसों का चालान काटने के बाद बसों को थाने में खड़ा करा दिया गया। थाने में खड़ी कराई गई 5 बसें जयपुर से फर्रुखाबाद जा रही थीं। दो बस नागलोई बॉर्डर दिल्ली से यात्रियों को लेकर मैनपुरी की ओर जा रहीं थीं। सवारियों को रास्ते में उतार दिया गया। दो घंटे तक यात्री इधर-उधर भटकते हुए परेशान होते रहे। जब यात्रियों को रोडवेज बस में बैठ कर गंतव्य के लिए भेजने की व्यवस्था की गई तो यात्री बिफर गए। उनका कहना था कि वह तो किराया दे चुके हैं। रोडवेज बस में ले जाने के लिए उन्हें फिर से टिकट ली जा रही है। कई यात्रियों ने रुपये न होने की बात कही। वहीं कई यात्रियों के पास जिनमें महिलाएं और बच्चे भी थे। अधिक सामान होने के चलते परेशान होते नजर आए। लेकिन कार्रवाई करने वाले अधिकारियों ने उनकी परेशानी का नजरंदाज करते हुए अपनी कार्रवाई जारी रखी। उमस भरी गर्मी में घंटों परेशान घूमते हुए यात्री कार्रवाई को गलत बताते हुए मनमानी बता रहे थे। उनका कहना था कि बसों पर कार्रवाई की गई। उस से कोई एतराज नहीं है। लेकिन चलने वाली बसें अगर गलत हैं तो उन्हें बंद क्यों नहीं किया जाता। प्रशासन सभी के लाइसेंस निरस्त कर दे और वाहन सीज कर दे। इस तरह से रास्ते में यात्रियों को उतार कर परेशानी में डालना ये अधिकारियों का मनमाना रवैया है।