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हिंसा की साजिश का मामला: सीएफआई सदस्यों की केस खत्म करने की मांग, अदालत में दिया प्रार्थनापत्र

Wed, 14 Apr 2021 12:03 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी के माध्यम से एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडे की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया, जिसमें बताया गया है एसटीएफ द्वारा चार्जशीट में 3 अप्रैल को यूएपीए के आरोपों के लिए कोई अनुज्ञा दाखिल नहीं की है कि जो कानूनन अनिवार्य है। 
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न्यायालय में पेश किए पीएफआई के सदस्य (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्यों के खिलाफ चल रहे मामले में अभियुक्तों ने एसटीएफ की चार्जशीट में कमी बताते हुए न्यायालय से केस खत्म करने की मांग की है। उन्होंने अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी के माध्यम से एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडे की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया, जिसमें बताया गया है एसटीएफ द्वारा चार्जशीट में 3 अप्रैल को यूएपीए के आरोपों के लिए कोई अनुज्ञा दाखिल नहीं की है कि जो कानूनन अनिवार्य है।
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चार्जशीट के साथ सिर्फ धारा 196 सीआरपीसी के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए दी गई है। ऐसे में सीएफआई के सदस्य आलम मसूद, अतीकउररहमान, रऊफ शरीफ, अंसद बदरुद्दीन और फिरोज खान ने कोर्ट में केस खत्म करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। न्यायालय ने इस संबंध में 15 अप्रैल की सुनवाई तय की है। यह जानकारी अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी ने दी। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने एसटीएफ को नोटिस जारी किए हैं। 

गौरतलब है कि मथुरा जिले में विगत वर्ष पांच अक्तूबर को यमुना एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा से थाना मांट पुलिस ने खुफिया एजेंसियों की सूचना पर आलम, सिद्दीक, अतीकुर्रहमान और मसूद अहमद गिरफ्तार किया था। ये चारों आरोपी कार से हाथरस जा रहे थे। जांच के बाद पुलिस ने दावा किया था कि आरोपियों की कार से भड़काऊ साहित्य बरामद हुआ था। इनके संबंध पीएफआई और सीएफआई से बताए गए।
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चारों पर हिंसा भड़काने की साजिश रचने का आरोप 
चारों आरोपियों पर विदेशी फंडिंग से हिंसा भड़काने की साजिश रचने का आरोप है। चारों मथुरा की जेल में बंद हैं। विदेशी फंडिंग के मामले में इनके साथी रउफ को केरल में गिरफ्तार किया गया था। वह केरल की अरनाकुलम जेल में बंद हैं। 

यह है हाथरस कांड
हाथरस जिले के चंदपा इलाके में 14 सितंबर 2020 को अनुसूचित जाति की युवती से सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। आरोपियों ने उसके साथ हैवानियत की हद पार कर दी थी। गंभीर रूप से घायल पीड़िता को इलाज के लिए दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। हाथरस कांड के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हुआ था।  
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