जवाहर बाग हिंसा की जांच कर रही सीबीआई के अधिकारी भी मथुरा पहुंच गए हैं। इन अधिकारियों ने पुलिस वालों से पूछताछ की। जवाहर बाग खाली कराने में लगे वक्त पर भी सवाल हुए। सभी ने कहा कि जब उच्चाधिकारियों का आदेश हुआ तभी वह जवाहर बाग में पहुंचे थे।
जवाहर बाग हिंसा को एक साल से भी ज्यादा का वक्त हो गया है। 2 जून, 2016 की शाम को हिंसा हुई थी। इस हिंसा में दो पुलिस अधिकारियों समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि पहले तो इसकी जांच न्यायिक आयोग को दी गई थी लेकिन बाद में अदालत ने सीबीआई जांच के आदेश कर दिए थे। अब सीबीआई पूरे मामले में पड़ताल कर रही है। सोमवार को सीबीआई के अधिकारी मथुरा पहुंच गए थे। इन अधिकारियों ने जवाहर बाग खाली कराते वक्त रहे पुलिस अधिकारियों के बयान लिए।
यूं तो कई सवाल किए गए लेकिन प्रमुख सवाल जवाहर बाग खाली कराने में लगे इतने वक्त को लेकर ही रहा। सीबीआई ने कहा कि जब रामवृक्ष की सारी गतिविधियों को लेकर लोग वाकिफ थे तो उसी समय जवाहर बाग को खाली क्यों नहीं करा लिया गया।
उस वक्त तो रामवृक्ष के लोगों की भीड़ भी कम ही रही होगी। इस पर अधिकारियों ने कहा कि वह तो उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन कर रहे थे। जब उन्हें निर्देश हो गया तभी वह जवाहर बाग में पहुंच गए थे। यह भी पूछा गया कि जवाहर बाग में कितने राउंड गोलियां चलाई गईं थीं। फायरिंग का आदेश किस समय मिला था।