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संभलकर चलिए आगरा की सड़कों पर, चेहरा देखकर पुलिस को अलर्ट कर देगा 'स्मार्ट कैमरा'

Fri, 23 Aug 2019 01:17 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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चौराहों पर लगाए कैमरे - फोटो : अमर उजाला
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स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में लगाए जा रहे अल्ट्रा जूम और लो हाइट कैमरे बड़े कमाल के हैं। इनके साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फेस रीडिंग सिस्टम भी लगाए जा रहे हैं।
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इनकी खूबी यह है कि सड़क पर चल रहे अपराधी के चेहरे के हावभाव देखकर ही पहचान लेते हैं कि वह वारदात करके तो नहीं भाग रहा है? इतना ही नहीं, सिस्टम उसी क्षण रिकार्डिंग भेजकर पुलिस को अलर्ट भी कर देगा।

शहर में 1,574 कैमरे लगाए जाने हैं। ये 360 डिग्री पर घूमने वाले कैमरे हैं। इन्हें 68 चौराहों पर लगाया जाना है। इन्हें लगा रही कंपनी पीएमसी के वाइस प्रेसीडेंट आनंद मेनन ने बताया कि यह कैमरे अपराध रोकने के साथ-साथ पुलिस का सबसे बड़ा हथियार बनेंगे। 
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चौराहों पर लगाए कैमरे - फोटो : अमर उजाला
ऐसे काम करेगा सिस्टम
1. कैमरा फोटो लेगा और रिकार्डिंग करेगा।
2. फेस रीडिंग सिस्टम स्केच बनाएगा और चेहरे के हावभाव देखेगा।
3. हावभाव असामान्य होने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम कंट्रोल रूम को संदेश भेजेगा। वहां बीप बजेगी।

ट्रैफिक नियम तोड़ते ही कैमरे से कट जाएगा चालान
ये कैमरे और सिस्टम ट्रैफिक कंट्रोल में भी मदद करेंगे। अगर किसी ने जेबरा लाइन क्रॉस की तो फोटो तुरंत खिंच जाएगा। यह पुलिस
के पास भी पहुंच जाएगा। इसी तरह हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, नंबर प्लेट में गड़बड़, ट्रिपल राइडिंग... सब कुछ कैमरा
पकड़ लेगा। नंबर प्लेट रीडिंग कैमरे भी लगाए गए हैं।
 
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आरके सिंह, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी का कहना है कि अभी दो चौराहों पर काम शुरू हो गया है। दीपावली से पहले पूरे शहर में कैमरे काम करना शुरू कर देंगे।

लेकिन ताजमहल के कैमरे अभी तक ठीक नहीं
एक तरफ शहर में स्मार्ट कैमरे लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर ताजमहल के बाहर लगे 150 कैमरे अभी तक ठीक नहीं कराए गए है। ये डेढ़ साल से खराब पड़े हैं। एडीजी ताज दीपेश जुनेजा सुरक्षा इन्हें ठीक कराने के लिए कह गए थे। इसके बावजूद इन्हें ठीक नहीं कराया गया।
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