केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इस वर्षीय से 10वीं में दो बार बोर्ड परीक्षा कराएगा। यह प्रयास छात्रों के ऊपर से परीक्षा का दबाव और तनाव कम करने के लिए किया गया है। हालांकि बोर्ड ने पहला चरण अनिवार्य रखा है। अपने प्रदर्शन से असंतुष्ट छात्रों को दूसरा मौका भी मिलेगा। खास बात यह बोर्ड की अंक तालिका में उसी परीक्षा के अंक दर्ज होंगे जिसमें छात्रों का प्रदर्शन बेहतर होगा। शहर के सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र बोर्ड के इस निर्णय से खासा खुश नजर आए।
कम होगा बोर्ड का डर
जीडी गोयनका की छात्रा जिया ने बताया कि अक्सर हमने देखा है कि किसी कारण से अच्छे अंक नहीं आते तो छात्रों को बेहद निराशा होती है। सप्लीमेंट्री का नाम भी बुरा लगता है। अब बोर्ड सभी को दो चांस देगा। इससे छात्र रिलैक्स माइंड से परीक्षा दे पाएंगे।
वैकल्पिक है दूसरी परीक्षा
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के छात्र अविरल जायसवाल का कहना है कि पहले लगा एक बोर्ड परीक्षा क्या कम थी जो दो बार कर दी। बाद में समझ में आया कि ये हमारी सहूलियत के लिए किया गया है। नंबर कम आएं तो परीक्षा दो वरना मत दो।
जिसमें अंक बढ़िया उसी की मिलेगी मार्कशीट
जीडी गोयनका के छात्र अरमान मलिक का कहना है कि सीबीएसई का यह निर्णय हमारे हित में है, इससे परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने का प्रतिशत बढ़ेगा। सबसे अच्छी बात यह है किअगर किसी के मार्क्स दूसरी परीक्षा में नहीं आए तो पहली परीक्षा के अंक ही फाइनल माने जाएंगे।
परीक्षा की तैयारी के लिए मिलेगा समय
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल की छात्रा नाइशा छौंकर ने बताया कि अब हमें फरवरी, मार्च में अपनी पहली मुख्य परीक्षा देनी होगी। अगर किसी कारणवश अंक उम्मीद के मुताबिक नहीं आते तो हमें में में एक और मौका मिलेगा। अच्छी बात यह है कि जिस परीक्षा में हमारे अंक ज्यादा होंगे, वही अंतिम मानी जाएगी।