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वकील की मौत में बुरी फंसी पुलिस: पसलियां चकनाचूर... फट गईं दिमाग की नसें; CBCID करेगी अधिवक्ता की मौत की जांच

Thu, 25 Apr 2024 09:46 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में दबिश के दौरान वकील की मौत के मामले में पुलिस बुरी तरह फंस गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। वकील की पसलियां चकनाचूर हो गई थीं। दिमाग की नसें फट गईं थी। अब इस मामले में जांच सीबीसीआईडी को स्थानांतरित कर दी गई है। 

 
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Advocate Death Case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में मंगलम आधार अपार्टमेंट (सिकंदरा) की आठवीं मंजिल से गिरकर अधिवक्ता सुनील शर्मा की मौत का केस सीबीसीआईडी को स्थानांतरित कर दिया गया है। मामले में थाना न्यू आगरा के तत्कालीन एसओ राजीव कुमार और एसआई अनुराग सहित 8 अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज हुआ था। अधिवक्ता की पत्नी न्याय की आस लगाए बैठी हैं।
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घटना एक मार्च की रात हुई थी। अपहरण कर बैनामे के मामले में पुलिस ने अधिवक्ता सुनील शर्मा के फ्लैट में रात के समय दबिश दी थी। इस दौरान आठवीं मंजिल से गिरकर अधिवक्ता की मौत हो गई थी। पत्नी ने केस दर्ज कराया। मगर, कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। इस मामले में दीवानी में अधिवक्ताओं ने हड़ताल भी की थी। एमजी रोड पर भी प्रदर्शन किया गया था। घटना के बाद से अधिवक्ता की पत्नी सुनीता शर्मा बेहाल हैं। वह पति को न्याय दिलाने के लिए अधिकारियों के दफ्तरों के कई बार चक्कर काट चुकी हैं। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि केस सीबीसीआईडी को ट्रांसफर हो गया है।

आश्वासन मिलते रहे, नहीं हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद से ही अधिवक्ता की पत्नी सुनीता शर्मा न्याय की गुहार लगा रही हैं। दीवानी में प्रदर्शन के दौरान भी कई बार गईं। दोषी पुलिसकर्मियों को सामने लाकर गिरफ्तारी की मांग की। मगर, उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा। कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ।

पुलिस कार्रवाई पर उठे थे सवाल
घटना के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठे थे। परिजन का आरोप था कि पुलिस ने अधिवक्ता पर आरोप लगने के बाद जल्दबाजी में केस दर्ज किया था। सुनील शर्मा दीवानी में कार्य करने जाते थे। तब पुलिस नहीं आई। अचानक रात के समय फ्लैट पर दबिश दी, जबकि सुनील शर्मा लगातार पुलिस के संपर्क में थे। अधिकारियों से भी मिल रहे थे। एसओ का वीडियो भी सामने आया था।
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क्राइम सीन दोहराया, नहीं निकला रिजल्ट
पुलिस घटना को हादसा मान रही थी। पुलिस का कहना था कि अधिवक्ता पुलिस से बचने के लिए अपने फ्लैट की बालकनी से बगल वाले फ्लैट में पहुंचे थे। पुलिस से बचने के दौरान बालकनी से गिर गए। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने क्राइम सीन भी दोहराया था। अपार्टमेंट से पुतला गिराकर देखा था। इसकी रिपोर्ट भी घरवालों तक नहीं पहुंची। इसके बाद पुलिस ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
 
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