रुपये लेने के बाद भी बैंक कैशियर ने एफडी की एंट्री नहीं कराई। जरूरत पड़ने पर वादी बैंक गए तो पता चला कि उनसे नाम से कोई एफडी नहीं हुई। उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में वाद दायर किया। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 6 प्रतिशत ब्याज सहित 24.84 लाख रुपये का चेक जमा कराकर वादी को सौंप दिया।