मुख्तार अंसारी के खिलाफ 24 साल पहले आगरा में दर्ज हुआ था मुकदमा
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उत्तर प्रदेश के आगरा में मुख्तार अंसारी के खिलाफ आगरा में 24 साल पहले मुकदमा दर्ज हुआ था। मऊ से पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी अभी बांदा जेल में बंद है। 24 साल पहले केंद्रीय कारागार में पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने छापा मारा था। आरोप था कि पूर्व विधायक की बैरक की तलाशी में बुलेटप्रूफ जैकेट, मोबाइल और सिम बरामद हुए थे। केस में गवाही चल रही है।
तत्कालीन थानाध्यक्ष ने दर्ज कराया था केस
मामला 18 मार्च, 1999 का है। पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी केंद्रीय कारागार में निरुद्ध थे। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने छापा मारा था। मुख्तार अंसारी की बैरक की तलाशी ली थी। इस दौरान बुलेटप्रूफ जैकेट, मोबाइल और सिम बरामद किया था। थाना जगदीशपुरा में तत्कालीन थानाध्यक्ष शिवशंकर शुक्ला ने केस दर्ज कराया था।
चार के बयान दर्ज होना बाकी है
मामला विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है। केस में गवाही चल रही है। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से आरोपी की पेशी कराई जा रही है। इसमें अगली सुनवाई अब 18 मई को है। केस में कुल 25 गवाह हैं। अब तक 17 गवाहों के बयान दर्ज हो सके हैं। चार के बयान दर्ज होना बाकी है।
इनकी हो चुकी है गवाही
कोर्ट में वादी शिवशंकर शुक्ला, तत्कालीन डीएम आरके तिवारी, एसएसपी सुबेश कुमार सिंह, एसपी सिटी डीसी मिश्रा, एडीएम सिटी एके सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट पीएन दुबे, मुख्य चिकित्साधिकारी एके सक्सेना, वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार केदारनाथ, उप जेलर कैलाशचंद, उप निरीक्षक रूपेंद्र गौड़, खंदौली निवासी जगवीर सहित 17 लोगों की गवाही हो चुकी है।