राजस्थान से गिट्टी और डस्ट के ओवरलोड ट्रकों को खेरागढ़ और कागारौल थाने के दो सिपाही पांच-पांच हजार रुपये महीनेदारी लेकर निकलवाते थे। अब 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। इस पर ट्रांसपोर्ट कंपनी संचालक ने एसएसपी प्रभाकर चौधरी से शिकायत की। मामले में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है। विभागीय जांच भी की जा रही है।
मनिया, धौलपुर निवासी अशोक कुमार की ट्रांसपोर्ट कंपनी है। उन्होंने थाना कागारौल में दर्ज कराए मुकदमे में कहा कि उनके ट्रक गिट्टी और डस्ट लेकर उत्तर प्रदेश के सीमा में आते हैं। कई बार गाड़ियां ओवरलोड होती हैं। ऐसे में पुलिस पकड़ लेती है। आरोप लगाया कि ओवरलोड में निकलवाने के एवज में थाना खेरागढ़ का मुंशी सत्यपाल हर महीने पांच हजार रुपये ले रहा था। उनकी गाड़ियां कई बार कागारौल में भी जाती थीं। इस पर उन्होंने छह महीने पहले सत्यपाल से बात की। उन्होंने थाना कागारौल में तैनात कंप्यूटर आपरेटर अरुण कुमार का नाम लिया। कहा कि वो मदद कर देगा। उसका मोबाइल नंबर देकर मिलने के लिए बोल दिया।
अशोक ने अरुण से मुलाकात की। उन्होंने पांच हजार रुपये मांगे। कहा कि वह उनके बारे में किसी को नहीं बताए। अधिकारियों की लोकेशन उसके पास रहती है। वह उसे बता दिया करेगा। वह गाड़ी निकलवा देगा। वह हर महीने पैसा ले रहे थे। इस संबंध में अशोक ने एसएसपी से शिकायत की। इसके बाद थाना कागारौल में मुंशी सत्यपाल और कंप्यूटर आपरेटर अरुण कुमार के खिलाफ भृष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि ट्रांसपोर्ट कंपनी संचालक के आरोप की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्य संकलन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
50 हजार की मांग से परेशान था अशोक
अशोक ने बताया कि वह सभी कर अदा करते हैं। इसके बाद ही ट्रक लेकर आते हैं। ओवरलोड ट्रक होने पर पुलिस परेशान करती है। दोनों सिपाही पहले पांच-पांच हजार रुपये महीना ले रहे थे। आरोप लगाया कि पिछले महीने 50 हजार रुपये की मांग की गई। उसने रकम दे दी। मगर, इस महीने फिर से रकम लाने का दबाव बनाया। इस पर उसने शिकायत की।
राजस्थान की सीमा से अवैध खनन का खेल
ओवरलोड और अवैध खनन के वाहनों से वसूली के आरोप यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी आरोप लगते रहे हैं। पूर्व में अवैध खनन करने वाले ट्रैक्टर और ट्रक चालक पुलिस पर भी हमला कर चुके हैं। इनमें कई मुकदमे भी दर्ज हो चुके हैं।